पत्रकार सुरक्षा कानून सहित विभिन्न मांगें उठाईं
JHANSI NEWS: वॉयस ऑफ मीडिया इंटरनेशनल फोरम की उत्तर प्रदेश इकाई द्वारा मंगलवार को पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता तथा पत्रकारिता के संरक्षण से संबंधित 30 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी झांसी को सौंपा गया। ज्ञापन मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम प्रेषित किया गया, जिसकी प्रतिलिपि मुख्य सचिव को भी भेजी गई। ज्ञापन में कहा गया कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकार समाज और शासन के बीच सूचना का महत्वपूर्ण सेतु हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, ग्रामीण, फोटो एवं वीडियो पत्रकार लगातार जनहित के मुद्दों को निष्पक्ष रूप से जनता और प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। इसके बावजूद पत्रकारों को सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, आर्थिक असुरक्षा और सामाजिक संरक्षण जैसी अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संगठन ने मांग की कि प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाए तथा पत्रकारों पर हमले, धमकी, दबाव और झूठे मुकदमों को विशेष अपराध घोषित किया जाए। साथ ही 24×7 पत्रकार सुरक्षा हेल्पलाइन, राज्य स्तरीय त्वरित सुरक्षा प्रकोष्ठ, पत्रकार सुरक्षा समिति तथा स्वतंत्र पत्रकार कल्याण प्राधिकरण के गठन की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, पेंशन योजना, आवास सुविधा, बच्चों की शिक्षा सहायता, महिला पत्रकारों की सुरक्षा, ग्रामीण एवं स्ट्रिंगर पत्रकारों के लिए विशेष कल्याण योजनाएं लागू करने की मांग की गई। इसके अलावा जिला एवं तहसील स्तर पर मीडिया सेंटर स्थापित करने, पत्रकारों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, यात्रा सुविधा, कानूनी सहायता केंद्र और आपातकालीन सहायता कोष बनाए जाने का भी अनुरोध किया गया। संगठन ने यह भी मांग की कि डिजिटल मीडिया, फोटो जर्नलिस्ट, वीडियो पत्रकार और कैमरा पर्सन को भी सभी सरकारी कल्याण योजनाओं का लाभ दिया जाए। सरकारी विज्ञापन वितरण नीति को पारदर्शी एवं समावेशी बनाते हुए छोटे, ग्रामीण, साप्ताहिक, मासिक और डिजिटल माध्यमों को भी समान अवसर देने की मांग की गई। ज्ञापन के अंत में प्रदेश सरकार से आग्रह किया गया कि पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर इन 30 सूत्रीय मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र निर्णय लिया जाए, ताकि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और पत्रकारिता की स्वतंत्रता को और अधिक मजबूत किया जा सके।







