किन्नर अखाडा की प्रदेश अध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी कल्याणीनन्द गिरी सहित अन्य प्रमुख लोग हुए शामिल
विश्व हिंदू महासंघ के 46 वें स्थापना दिवस पर भगवा ध्वज, वंदे मातरम् यात्रा निकाली गई
PRAYAGRAJ NEWS: विश्व हिन्दू महासंघ के 46 वें स्थापना दिवस के अवसर पर सिविल लाइंस के पत्थर गिरिजा घर से ऐतिहासिक सुभाष चैराहे तक भगवा ध्वज वंदे मातरम यात्रा आज निकाली गयी। जॉनसेनगंज चैराहे को वन्देमातरम चैक घोषित करने की मांग की गयी। विश्व हिन्दू महासंघ के 46 वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति के निर्देश से पूरे प्रदेश में धूमधाम के साथ यात्रा निकाली गयी, प्रयागराज के पत्थर गिरिजाघर से ऐतिहासिक सुभाष चैराहे तक बडी संख्या में विश्व हिन्दू महासंघ के पदाधिकारी शामिल होगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष बृजेन्द्र त्रिपाठी, महामंत्री श्याम सूरत पांडे एवं मातृ शक्ति की जिलाध्यक्ष श्रीमती प्रेमा श्रीवास्तव के नेतृत्व में विशाल यात्रा निकाल कर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गौरक्ष पीठाधीश्वर श्री महंत योगी आदित्य नाथ , प्रदेश अध्यक्ष भिखारी प्रजापति के सपनों को साकार करने का संकल्प लिया। यात्रा में मुख्य अतिथि गौरव करवरिया एवं
किन्नर अखाडा की प्रदेश अध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी कल्याणीनन्द गिरी थी जबकि विशिष्ट अतिथि मातृ शक्ति की प्रदेश उपाध्यक्ष नीलम गिरी, वरिष्ठ समाज सेवी अरविंद तिवारी एवं शिव सेना के महानगर अध्यक्ष सुनील जायसवाल की उपस्थिति से सदस्यों का उत्साहवर्धन हुआ। सुभाष चैराहे पर एकत्रित साथियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष बृजेन्द्र त्रिपाठी मुन्ना भैया एवं महामंत्री श्याम सूरत पांडे ने संयुक्त रूप से कहा कि आज के समाज में जहां विभिन्न तरीके की बुराइयां देखने को मिलती हैं वहीं विश्व हिन्दू महासंघ के कार्यकर्ता महंत योगी आदित्य नाथ के एक भारत श्रेष्ठ भारत और हिन्दुत्व की रक्षा के सिद्धांत पर अडिग रखकर राष्ट्र की एकता, अखंडता को समृद्ध बनाने की भावना को साकार कर रहे हैं । मातृ शक्ति की जिलाध्यक्ष प्रेमा श्रीवास्तव ने अपनी बहनों के साथ बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया, वहीं तमाम पदाधिकारी सदस्यों के साथ धर्माचार्य प्रकोष्ठ के दयालु जी महराज, डॉ अमित त्रिपाठी, जय सिंह यादव, उमेश मिश्रा, प्रभाकर मिश्रा, डीडी जोशी, शीतला प्रसाद सुशीला पांडे , सोनाली , अतुल खन्ना एवं बडी संख्या में पदाधिकारी, सदस्य गणों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सफल बनाया।







