BHADHAOI NEWS: पश्चिम बंगाल सरकार के कैबिनेट मंत्री उमेश राय ने सोमवार को भदोही स्थित कालीन निर्यातक संस्था का दौरा कर उत्पादन इकाई का निरीक्षण किया। उनके आगमन पर पूर्व नगर अध्यक्ष प्रह्लाद दास गुप्ता ने अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान पर अंगवस्त्र भेंट कर उनका स्वागत एवं सम्मान किया। इसके बाद कालीन उद्योग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (CEPC) की प्रशासनिक समिति के सदस्य संजय गुप्ता, ब्रजेश गुप्ता, विधायक विपुल दुबे तथा भाजपा अध्यक्ष दीपक मिश्रा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विशेष रूप से पश्चिम बंगाल से आने वाले प्रमुख कच्चे माल जूट की लगातार बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया गया। सीईपीसी की प्रशासनिक समिति के सदस्य संजय गुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में जूट के दामों में लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिससे भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही है तथा उद्योग पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ता जा रहा है। संजय गुप्ता ने मंत्री से अनुरोध किया कि पश्चिम बंगाल, जो देश में जूट उत्पादन का प्रमुख केंद्र है, वहाँ की सरकार एवं संबंधित एजेंसियों के सहयोग से ऐसा तंत्र विकसित किया जाए, जिससे कालीन उद्योग को उचित एवं वाजिब मूल्य पर जूट उपलब्ध हो सके। इस पर कैबिनेट मंत्री उमेश राय ने उद्योग की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (CEPC) एवं उद्योग प्रतिनिधियों को पश्चिम बंगाल आमंत्रित करेंगे, जहाँ उनकी जूट उत्पादकों, जूट मिलों एवं प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं के साथ बैठक कराई जाएगी, ताकि आपसी समन्वय से इस समस्या का व्यावहारिक एवं स्थायी समाधान निकाला जा सके। बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने आशा व्यक्त की कि कैबिनेट मंत्री उमेश राय की इस पहल से जूट की उपलब्धता एवं कीमतों से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान निकलेगा, जिससे भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग को बड़ी राहत मिलेगी।







