अश्विनी कुमार का आह्वान गौ,जल, जंगल और जमीन का संरक्षण है मानव का अधिकार
PRAYAGRAJ NEWS: मंगलवार को बड़े हनुमान जी मंदिर पर सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालुओं ने यात्रा में सम्मिलित होकर जंगल के संरक्षण के लिए संकल्प लिया जंगल हमें प्राण वायु देते है जंगल है तो पर्यावरण शुद्ध है जंगल बहुत सारे कीट पतंग पशु पक्षियों का आश्रय स्थल है ये वातावरण को ठंडा रखते हैं और वर्षा लाने में मदद करते हैं, जिससे स्थानीय और वैश्विक मौसम पैटर्न प्रभावित होते हैं. वन जल चक्र को बनाए रखते हैं और जल को शुद्ध करते हैं वन पृथ्वी के आधे से अधिक स्थलीय जीवों (पशु, पौधे, कीट) का घर हैं, जो जैव विविधता को बनाए रखते हैं. पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधे रखती हैं, जिससे मिट्टी का कटाव और भूस्खलन रुकता है. जंगल से हमें लकड़ी, ईंधन, फल, खाद्य पदार्थ और औषधीय पौधे मिलते हैं. आर्थिक लाभ ये रोजगार और आय के स्रोत प्रदान करते हैं. स्वास्थ्य की दृष्टि से जंगलों में समय बिताने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, और ये बीमारियों के खतरे को कम करते हैं. प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में बहुत उपयोगी है बाढ़, सूखा और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं को रोकने में मदद करते हैं. संक्षेप में, जंगल पृथ्वी के फेफड़े और जीवन का आधार हैं, और इनके बिना पृथ्वी पर जीवन संभव नहीं है, इसलिए इनका संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है.यात्रा में बहुत सारे आए हुए श्रद्धालु के साथ-साथ प्रमुख रूप से संतोष सिंह जी ,अंगद जी, श्री राज सिंह पटेल जी अभिषेक जी, अजय जी व अन्य कार्यकर्ता व श्रद्धालु सम्मिलित हुए।







