KUSHINAGAR NEWS: कप्तानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत का मामला गरमा गया है। परिजनों ने इलाज में लापरवाही और रुपये लेने का आरोप लगाते हुए स्टाफ नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले को लेकर शनिवार को सुभासपा के पूर्व विधायक रामानन्द बौद्ध के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा को सौंपा। ज्ञापन के अनुसार, 19 अगस्त को रामकोला थाना क्षेत्र के दिउलिया मनिया छापर निवासी अंजू देवी को रक्तस्राव की शिकायत पर परिजन कप्तानगंज सीएचसी लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स मीरा राय ने उपचार शुरू किया और 1500 रुपये लिए। रक्तस्राव बढ़ने पर रेफर करने की मांग के बावजूद समय पर रेफर नहीं किया गया। करीब 11:45 बजे महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई।
परिजनों ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि प्रसव के दौरान महिला के पेट पर अत्यधिक दबाव बनाया गया, जिससे दम घुटने से मौत हुई, वहीं बच्चे को जबरिया खींचे जाने से उसकी भी मौत हो गई।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में कहा है कि संबंधित स्टाफ नर्स के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। आरोप है कि कुछ माह पूर्व सरकारी दवाएं मरीजों को बेचने का मामला सामने आया था, जिसमें हंगामे के बाद पैसे वापस करने की बात कही गई थी। इस संबंध में विभाग को लिखित तहरीर भी दी गई थी। इसके बावजूद स्थानांतरण आदेश के बाद भी रिलीव नहीं किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उधर, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है, जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







