Home उत्तर प्रदेश आस्था को यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा के पहले दो प्रयासों में

आस्था को यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा के पहले दो प्रयासों में

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‘सफलता का मतलब यह नहीं कि आपका रिजल्ट कैसा रहा, सफलता वह है जो आपके सपने को पूरा करे। असफलता से हार माने बिना प्रयास करते रहना आपको लक्ष्य तक पहुंचाता है।’ इन लाइनों को शामली की आस्था जैन ने सार्थक कर दिया है। तीन बार यूपीएससी क्रैक करने के बाद भी सफलता के भीतर की असफलता उन्हें सालती रही। सपना आईएएस बनने का था। आईपीएस बनकर कैसे संतुष्ट रहती। लगातार प्रयास किया और आखिरकार जो चाहा, वह पाया। आस्था जैन ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2026 में ओवरऑल नौवीं रैंक हासिल कर आखिरकार अपने सपने को पूरा कर लिया। आस्था के पिता अजय कुमार जैन का कहना है कि मेरी तीन बेटियां हैं। आस्था इसमें दूसरे नंबर पर है। उसने अपने सपने को पूरा किया है।

आस्था के पिता अजय कुमार जैन की परचून की दुकान है। शामली के कांधला कस्बे में दुकान पर थे, इसी दौरान बेटी की सफलता की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने बेटी को फोन किया। आस्था ने कहा कि मैंने अपना सपना पूरा कर लिया। दरअसल, आस्था अभी हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग कर रही है। आस्था को यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा के पहले दो प्रयासों में 131वीं और 186वीं रैंक मिली थी, लेकिन उन्होंने प्रयासों को कभी कम नहीं किया। आखिरकार, उसने आईएएस बनने के अपने सपने को भी पूरा कर दिखाया।