प्रशासन की तैयारियों को परखा गया, नागरिकों को जागरूक करने की नई पहल
SIDHARTHNAGAR NEWS: जनपद में आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुक्रवार, 19 सितंबर को जिले की सभी तहसीलों में भूकंप और अग्नि सुरक्षा से संबंधित मॉक ड्रिल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस वृहद अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासनिक तैयारियों की दक्षता को परखना, राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता में सुधार करना और आम नागरिकों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संचार करना था। यह आयोजन प्रशासन के साथ-साथ आम जनता के लिए भी एक महत्वपूर्ण अनुभव साबित हुआ। अभ्यास की शुरुआत सुबह लगभग 10 बजे हुई, जब एक कृत्रिम भूकंप की सूचना मिलते ही पूरे जिले का प्रशासनिक तंत्र सक्रिय हो गया। संबंधित विभागों को वायरलेस और वॉकी-टॉकी के माध्यम से तुरंत अलर्ट भेजा गया। अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) एवं इंसीडेंट कमांडर गौरव श्रीवास्तव के कुशल निर्देशन में सभी विभागों ने पूर्व से समन्वय बनाकर कार्य किया। राजस्व विभाग, पुलिस, अग्निशमन सेवा, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग सहित अन्य सभी एजेंसियों ने सक्रिय रूप से इसमें हिस्सा लिया, जिससे एक समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। यह अभ्यास केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर हुआ। जिले की सभी तहसीलों में अलग-अलग स्थानों पर टीमों को तैनात किया गया। तहसील बांसी में तिलक इंटर कॉलेज परिसर, डुमरियागंज में माध्यमिक विद्यालय डुमरियागंज, नौगढ़ में होटल गोकुल धाम और इटवा में राम मनोहर लोहिया डिग्री कॉलेज में मॉक ड्रिल का सफल मंचन किया गया। इन सभी स्थानों पर उप जिलाधिकारी और तहसीलदार जैसे शीर्ष अधिकारियों ने टीमों का नेतृत्व किया, जिससे कमांड और कंट्रोल की व्यवस्था को परखा जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों का अनुकरण करते हुए बचाव और राहत कार्यों का प्रदर्शन किया गया। इसमें घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने, उन्हें प्राथमिक उपचार देने और आग पर काबू पाने की प्रक्रियाओं का अभ्यास शामिल था। तहसील स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे उनकी आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में वृद्धि हो सके। स्थानीय समाचार एजेंसियों और स्वयंसेवकों के माध्यम से लोगों को भी जागरूक करने का प्रयास किया गया, ताकि वे ऐसी स्थिति में घबराहट के बजाय सही कदम उठा सकें।
यह मॉक अभ्यास जनपद सिद्धार्थनगर की आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ है। ऐसे आयोजन न केवल प्रशासनिक तंत्र की तत्परता को बढ़ाते हैं, बल्कि आमजन में भी सुरक्षा के प्रति सजगता उत्पन्न करते हैं। जिला इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में रहकर अपर जिलाधिकारी गौरव श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों ने संपूर्ण अभियान की निगरानी की और सभी टीमों को सफलतापूर्वक निर्देशित किया। यह स्पष्ट है कि प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।







