आचार्य शुक्ल ने साहित्य के माध्यम से सबका मार्गदर्शन किया:दयाशंकर मिश्र
MIRZAPUR NEWS: आचार्य रामचंद्र शुक्ल स्मारक शिक्षण संस्थान के तत्वावधान में हिंदी विभूति आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 141 वीं जयंती व महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. दयाशंकर मिश्र (राज्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार) व विशिष्ट अतिथि नगर पालिका मिर्जापुर अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी मंचासीन रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अनुज प्रताप सिंह पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर हिंदी विभाग ने की। संचालन आनंद अमित ने किया। स्वागत भाषण व धन्यवाद राकेश चंद्र शुक्ल ने किया। कार्यक्रम का प्रारंभ मुख्य अतिथि ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल और महर्षि वाल्मीकि की तस्वीर पर पुष्प अर्पित करके किया। आचार्य शुक्ल के पौत्र राकेश चंद्र शुक्ल ने अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। गाजीपुर के चर्चित साहित्यकार और प्रखर वक्ता माधव कृष्ण को आचार्य राम चंद्र शुक्ल सम्मान 2025 दिया गया। पिछले 2 वर्षों से यह सम्मान आलोचना साहित्य में विशेष योगदान के लिए चुने हुए साहित्यकार को दिया जा रहा है। अध्यक्षता कर रहे डॉ अनुज प्रताप सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने विपरीत परिस्थितियों में भी हिंदी साहित्य का इतिहास लिखने का कार्य किया।
मुख्य अतिथि दयाशंकर मिश्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि आचार्य शुक्ल जी का जन्म बस्ती में हुआ लेकिन उन्होंने मिर्जापुर में रहते हुए हिंदी साहित्य के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। आचार्य शुक्ल ने साहित्य के माध्यम से सबका मार्गदर्शन किया। नगर पालिका मिर्जापुर अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि आचार्य रामचंद्र शुक्ल जैसे महान साहित्यकारों ने मिर्जापुर को कार्य क्षेत्र बनाया। लालब्रत सिंह, डॉ नीरज त्रिपाठी, भोलानाथ कुशवाहा ने आचार्य शुक्ल के साहित्यिक जीवन व उनके लेखन पर अपना वक्तव्य दिया। प्रबंधक राकेश शुक्ल ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल विश्वविद्यालय नामकरण और बाल्मीकि जयंती के साथ आचार्य शुक्ल जी की जयंती को भी जोड़ने के लिए मा. मुख्यातिथि को ज्ञापन सौंपा।डॉली अग्रहरि, हौसला प्रसाद मिश्र, विशाल श्रीवास्तव, इंद्रजीत शुक्ल, नंदलाल मौर्या, गुमनाम मिर्जापुर, मुहीब मिर्जापुर, गणेश प्रसाद तिवारी, रामजी तिवारी, लक्ष्मीकांत तिवारी, राजपति ओझा, केदारनाथ सविता, विजय कुमार श्रीवास्तव, इरफान कुरैशी, आनंद केसरी, नंदिनी वर्मा, श्रुति जायसवाल, इला जायसवाल, सृष्टि राज आदि उपस्थित रहे।







