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असनी हत्याकांड में 25-25 हजार के दो इनामी सगे भाई गिरफ्तार, लखनऊ से दबोचे गए आरोपी

शराब ठेके पर विवाद के बाद मनीष की गोली मारकर हुई थी हत्या, वारदात के बाद लखनऊ में छिपे थे आरोपी
FATEHPUR NEWS: हुसैनगंज थाना क्षेत्र के असनी गांव में शराब ठेके पर हुए विवाद के बाद मनीष की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 25-25 हजार रुपये के इनामी दो सगे भाइयों को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी घटना के बाद फरार होकर लखनऊ में छिपे हुए थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित थरियांव और मलवां पुलिस की संयुक्त टीम ने 30 अगस्त को शाम करीब 4:08 बजे निजामपुर मल्हौर, जनपद लखनऊ से दोनों वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया। असनी निवासी वैभव तिवारी की तहरीर पर हुसैनगंज थाने में मुकदमा अपराध संख्या 216/2026 दर्ज किया गया था। मामले में अमन सिंह उर्फ अभिलेंद्र विक्रम सिंह और उसके भाई इन्द्रेश विक्रम सिंह उर्फ मनू सिंह को आरोपी बनाया गया था। तहरीर के अनुसार, दोनों आरोपियों ने वैभव और सागर के साथ गाली-गलौज और मारपीट की थी। सूचना मिलने पर वैभव के पिता मनीष मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी विवाद हो गया। आरोप है कि अमन सिंह के ललकारने पर इन्द्रेश ने मनीष को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल मनीष की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस पूछताछ में इन्द्रेश ने बताया कि घटना वाली रात असनी स्थित देशी शराब के ठेके पर करीब साढ़े 10 बजे मनीष अपने बेटे वैभव और अन्य लोगों के साथ पहुंचे थे। ठेका बंद होने के बाद शराब लेने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच गांव में जमीन और स्कूल को लेकर पुरानी रंजिश भी चल रही थी। इसी दौरान विवाद बढ़ने पर दोनों भाई ठेके पर पहुंचे और मारपीट हुई। आरोपियों का कहना है कि इस दौरान उनके सिर पर डंडे से वार किया गया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद अमन ने कथित तौर पर अपने भाई इन्द्रेश से मनीष को खत्म करने के लिए कहा, जिस पर इन्द्रेश ने अपनी मां संगीता देवी के नाम की लाइसेंसी रिवॉल्वर से मनीष पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद मनीष मौके पर गिर पड़े और दोनों आरोपी फ्रॉन्क्स कार संख्या यूपी-32 पीएच-4434 से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी रायबरेली के गेगासो पहुंचे, जहां उन्होंने सरिया-सीमेंट की दुकान चलाने वाले पंकज पांडेय को घटना की जानकारी दी। आरोप है कि दोनों ने रिवॉल्वर छिपाने के लिए पंकज पांडेय को दे दी और उसे आशुतोष त्रिपाठी तक पहुंचाने की बात कही। इसके बाद दोनों आरोपी अपने मामा के लड़के आशुतोष सिंह उर्फ चेतन सिंह के घर पहुंचे और पुलिस से बचने के लिए उसके संरक्षण में लखनऊ चले गए। पुलिस पूछताछ और साक्ष्य संकलन के आधार पर मुकदमे में धारा 253/238 बीएनएस और 30 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है। पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान पंकज पांडेय, आशुतोष सिंह उर्फ चेतन सिंह, आशुतोष त्रिपाठी और संगीता देवी के नाम भी प्रकाश में आए हैं। घटना में प्रयुक्त फ्रॉन्क्स कार को पुलिस ने धारा 207 मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया है। वहीं, घटना में प्रयुक्त कथित आला-ए-कत्ल लाइसेंसी रिवॉल्वर की बरामदगी के लिए गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार इन्द्रेश विक्रम सिंह उर्फ मनू सिंह, उम्र करीब 28 वर्ष, के खिलाफ हुसैनगंज थाने में वर्ष 2026 में मारपीट, धमकी और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज है। वहीं अमन सिंह उर्फ अभिलेंद्र विक्रम सिंह, उम्र करीब 27 वर्ष, के खिलाफ वर्ष 2017 और 2022 में मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और घर में घुसने समेत विभिन्न मामलों में मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को आवश्यक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए रवाना कर दिया है। कार्रवाई करने वाली संयुक्त पुलिस टीम में थरियांव प्रभारी निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह, मलवां थाने के उपनिरीक्षक बृजेश कुमार यादव (चौकी इंचार्ज- मलवा औद्योगिक क्षेत्र), थरियांव के उपनिरीक्षक सतीश कुमार, कांस्टेबल सचिन चौधरी और कांस्टेबल अंकित यादव शामिल रहे।