BALRAMPUR NEWS: 50वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) बलरामपुर के जवानों ने एक बार फिर सीमा सुरक्षा के साथ-साथ नागरिक सुरक्षा और उच्च मानवीय मूल्यों की मिसाल पेश की है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को जवानों ने न केवल मौके पर प्राथमिक उपचार दिया, बल्कि बिना समय गंवाए अपने सरकारी वाहन से अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाई। जवानों की इस तत्परता और संवेदनशीलता की चारों ओर सराहना हो रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को 50वीं वाहिनी एसएसबी की बी-समवाय महादेव बुजुर्ग व सी-समवाय बढ़नी कैंप के जवान बलरामपुर मुख्यालय में आयोजित सैनिक सम्मेलन में शामिल होकर लौट रहे थे। गैसड़ी बाजार से करीब एक किलोमीटर पहले वाहन चालक आरक्षी विनोद गोदारा को सड़क किनारे कुछ लोग असामान्य एवं अचेत अवस्था में पड़े दिखाई दिए। चालक ने तुरंत इसकी सूचना पार्टी कमांडर उप निरीक्षक श्रवण दौहात को दी। वाहन रोककर जब जवान मौके पर पहुंचे तो वहां बाइक सवार दंपत्ति और एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में पड़े मिले। हादसे की गंभीरता को देखते हुए उप निरीक्षक श्रवण दौहात ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया और साथी जवानों—मुख्य आरक्षी दिमान सिंह चौरसिया, आरक्षी रोशन, शैलेंद्र कुमार, विनोद गोदारा व विष्णु सैन की मदद से घायलों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा दी। इसके बाद जवानों ने सभी को अपने सरकारी वाहन से तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। घायलों की पहचान राजू कुमार (25), राहुल कुमार (23) और उनकी पत्नी कविता (22) के रूप में हुई है। अस्पताल में उपचार के बाद होश में आई घायल कविता ने बताया कि वह अपने पति राहुल के साथ मायके बसंतपुर से ससुराल पचपेड़वा जा रही थी। रास्ते में अचानक नशे में धुत एक व्यक्ति सड़क पार करते हुए बाइक के सामने आ गया, जिससे यह दुर्घटना हुई। महिला ने भावुक होकर कहा कि एसएसबी जवानों की समय पर मिली मदद उनके लिए जीवनदान साबित हुई है। सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़े हुए घायलों को अगर सशस्त्र सीमा बल 50वीं वाहिनी के जवानों ने समय रहते अस्पताल न पहुँचाया होता तो शायद कोई अनहोनी हो सकती थी। क्योंकि सड़क किनारे पड़े घायलों को अचेत अवस्था में अगर कुछ देर और नजर न पड़ती तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी; वह तो एसएसबी जवानों की समय पर नजर पड़ गई, जिससे तुरंत अस्पताल पहुंचाकर जिंदगी बचा ली गई। घटनास्थल व अस्पताल में मौजूद राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने एसएसबी जवानों की संवेदनशीलता व त्वरित कार्रवाई की भूरी-भूरी प्रशंसा की और उनके इस सराहनीय कार्य को सलाम किया। समय पर इलाज मिलने से सभी घायलों की स्थिति अब खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है।







