Home उत्तर प्रदेश अंग्रेज़ी सीखिए, लेकिन हिंदी को कभी मत भूलिए: न्याय मूर्ति डा०गौतम चौधरी

अंग्रेज़ी सीखिए, लेकिन हिंदी को कभी मत भूलिए: न्याय मूर्ति डा०गौतम चौधरी

PRAYAGRAJ NEWS: मातृभाषा का सम्मान माँ के समान कीजिए, भारत रत्न,राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन की जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय युवा खत्री समाज (पंजी.) द्वारा प्रयागराज मे आयोजित करीब 90 स्कूलो के बच्चों के मध्य आयोजित जिला स्तरीय सम्मान एवं टंडन जयंती समारोह में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति डॉ. गौतम चौधरी (उच्च न्यायालय, इलाहाबाद) ने अपने ओजस्वी संबोधन में हिंदी के सम्मान और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का प्रभावशाली संदेश दिया। उन्होंने कहा,”भारत अनेक भाषाओं और बोलियों का देश है। हम सभी भाषाओं का समान आदर करते हैं,लेकिन हिंदी हमारी मातृभाषा है इसलिए उसका सम्मान हमें अपनी माँ के समान सम्मान करना चाहिए। न्यायमूर्ति डॉ. चौधरी ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा,बच्चे अंग्रेज़ी अवश्य पढ़ें। मुझे इसकी खुशी है,क्योंकि मैं स्वयं भी बॉयज हाई स्कूल का विद्यार्थी रहा हूँ। लेकिन जब किसी बच्चे से ‘अठहत्तर’ पूछा जाए और उसे ‘सेवेंटी-एट’ बताकर समझाना पड़े, तब मन को पीड़ा होती है। यह माता-पिता और अभिभावकों का दायित्व है कि वे बच्चों को घर में हिंदी बोलने,पढ़ने और समझने का निरंतर अभ्यास कराएँ। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सफलता का संबंध किसी एक भाषा से नहीं, बल्कि ज्ञान,संस्कार,परिश्रम और आत्मविश्वास से होता है। यह धारणा गलत है कि केवल अंग्रेज़ी माध्यम से पढ़ने वाला विद्यार्थी ही जीवन में ऊँचाइयाँ प्राप्त कर सकता है। हिंदी माध्यम से शिक्षित लाखों युवाओं ने अपनी प्रतिभा के बल पर देश और दुनिया में विशिष्ट पहचान बनाई है। मातृभाषा से जुड़ा विद्यार्थी अपनी संस्कृत-संस्कृति, समाज और राष्ट्र के प्रति अधिक संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनता है। कार्यक्रम का संचालन आनंद जी टंडन पप्पन भैया ने किया,न्यायमूर्ति डॉ चौधरी का अंगवस्त्रत पहना कर राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण बहल ने व कांता चोपड़ा ने सम्मान स्मिर्ति चिन्ह,राष्ट्रीय महासचिव अखिल कक्कड व कुंवर जी टंडन ने बुके भेट कर माननीय न्यायमूर्ति का सम्मान किया तथा प्रदेश अध्यक्ष बृजेश सिड़ाना ने संस्था का स्मृति चिंन्न देकर सम्मान किया। डॉ.नीता सेठ साहू,मुदित खत्री,निशा कौशल,ने सभी अतिथियों,एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में संस्था के संरक्षक महेश कपूर,कुंवर जी टंडन (पूर्व पार्षद),मोहन टडंन,बद्री चौरसिया (पूर्व पार्षद),मनीष कपूर,अतुल मेहरोत्रा,नीरज टंडन,नीलम -माला बहल, सुमन कक्कड, शिवानी जायसवाल,नीलम शर्मा,रागनी चौधरी,गीता सिड़ाना,सहित अनेक गणमान्य अतिथि, शिक्षाविद्,समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने राजर्षि पुरुषोत्तम दास टंडन के आदर्शों क अनुसरण करते हुए हिंदी के सम्मान,संवर्धन और नई पीढ़ी में भारतीय संस्कारों के प्रसार का सामूहिक संकल्प लिया।