JAUNPUR NEWS: जिले के सबसे संवेदनशील स्वास्थ्य केंद्र ज़िला महिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार का एक गेट लंबे समय से लापता है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि न तो सीएमएस को इसकी चिंता है और न ही अन्य जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कदम उठाया है। महिला अस्पताल, जहां प्रतिदिन सैकड़ों महिलाओं, गर्भवती मरीजों और नवजातों का आना-जाना होता है, वहां इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर सुरक्षा से खिलवाड़ मानी जा रही है। खुले मुख्य द्वार से कोई भी असामाजिक तत्व आसानी से अंदर प्रवेश कर सकता है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों और मरीजों के तीमारदारों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। प्रशासनिक उदासीनता के चलते अस्पताल परिसर ‘खुला मैदान’ बनता जा रहा है। अब निगाहें मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करते हैं और कब तक अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया जाता है।







