भाकियू टिकैत की पहल और प्रशासनिक टीम के प्रयास से टला बड़ा संकट, लापता गोवंशों की तलाश जारी
FATEHPUR NEWS: विकासखंड असोथर की ग्राम पंचायत सरांय खालिस स्थित अस्थायी गौशाला में ससुर खदेरी नदी का पानी घुसने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। नदी का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसे हालात के कारण गौशाला जलमग्न हो गई, जिससे वहां संरक्षित गोवंशों के चारे, रखरखाव और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर संकट पैदा हो गया। मामले की सूचना मिलते ही भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के असोथर ब्लॉक अध्यक्ष दीपू मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और गोवंशों की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद खंड विकास अधिकारी रत्नाकर त्रिपाठी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक स्तर पर बीडीओ रत्नाकर त्रिपाठी के नेतृत्व में जेसीबी की मदद से तटबंध बनाकर पानी को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण तटबंध टूट गया। स्थिति गंभीर होती देख गोवंशों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का निर्णय लिया गया। गौशाला में मौजूद करीब 115 गोवंशों में से 90 गोवंशों को सकुशल ग्राम पंचायत रामनगर कौहन स्थित गौशाला में शिफ्ट कर दिया गया। कैटल कैचर और गोपालकों की मदद से गोवंशों को सुरक्षित रूप से नई गौशाला पहुंचाया गया। इस दौरान ग्राम प्रधान/प्रशासक स्मिता देवी और पंचायत सचिव सुरेश कुमार वर्मा सहित अन्य कर्मचारियों ने भी व्यवस्थाओं को संभालने में सहयोग किया। जलभराव के दौरान बाड़ा तोड़कर भागे करीब 15 से 20 गोवंशों की तलाश में टीम जुटी हुई है। प्रशासनिक टीम और स्थानीय लोगों द्वारा आसपास के क्षेत्रों में उनकी खोजबीन की जा रही है। भाकियू टिकैत के ब्लॉक अध्यक्ष दीपू मिश्रा ने कहा कि जलभराव की स्थिति में बेजुबान गोवंशों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना प्राथमिकता थी। अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी कराई गई है। प्रशासन और किसान संगठन के बीच हुए त्वरित समन्वय से समय रहते गोवंशों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सका। स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और समय पर की गई कार्रवाई की सराहना की है।







