व्याख्याकार स्वामी रामाश्रम शास्त्री स्वामी ने माघ मेला के उप मेलाधिकारी को भेंट की प्रति
PRAYAGRAJ NEWS: अखिल भारतीय दण्डी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री पीठाधीश्वर स्वामी रामाश्रम शास्त्री स्वामी महराज ने कहा कि सनातन धर्म के संस्कारों की जानकारी के लिए यतिदण्डैश्वर्य विधान पद्धति नामक पुस्तक बहुत उपयोगी है क्योंकि युवाओं को सनातन पद्धतियों की जानकारी होना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक में सनातन धर्म के संस्कारों सहित अन्य उपयोगी जानकारियां हिन्दी और संस्कृत में विस्तार से दी गयी है। यह बातें पीठाधीश्वर स्वामी रामाश्रम शास्त्री स्वामी महराज ने प्रयागराज मेला प्राधिकरण में उप मेलाधिकारी (प्रबंधक ) विवेक शुक्ला को यतिदण्डैश्वर्य विधान पद्धति नामक पुस्तक भेट करते हुए आज कही। उन्होंने कहा कि आज सबसे जरूरी है कि सनातन धर्म के युवाओं को सनातन की प्राचीनता, महत्व और उसकी उपयोगिता की विस्तार से जानकारी हो। हमारे पूर्वज ऋषि, मुनि, देवी – देवता सहित अन्य प्रमुख लोगों ने सनातन धर्म क्यों अपनाया और उसकी क्या विशेषताएं थी। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक के अनुवाद और प्रकाशन का मार्गदर्शन अखिल भारतीय दण्डी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीठाधीश्वर स्वामी ब्रह्मश्रम महराज का विशेष योगदान है। प्रयागराज मेला प्राधिकरण में उप मेलाधिकारी (प्रबंधक ) विवेक शुक्ला ने यतिदण्डैश्वर्य विधान पद्धति पुस्तक के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि पुस्तक का अध्ययन करके सनातन धर्म के बारे में और जानकारी प्राप्त करूंगा। इस पुस्तक से युवाओं को सनातन धर्म के बारे में विस्तार से जानकारी मिलेगी जो उनके भविष्य के लिए उपयोगी रहेगी। इस दौरान नायब तहसीलदार जगदेव, स्टोर प्रभारी राघवेन्द्र सिंह, ओम नमरू शिवाय के दीपक कुमार मौजूद थे।







