LAKHIMPUR KHERI NEWS: संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती सोमवार 14 अप्रैल को नगर पंचायत निघासन समेत क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में श्रद्धा और सामाजिक सद्भाव के साथ मनाई गई।इस अवसर पर युवा भाजपा नेता सीए अंशुल दीक्षित ने स्कूली बच्चों को कॉपी, पेन और कुरकुरे के पैकेट वितरित किए। उनके नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने निघासन विधानसभा के बुझिया, कोल्हापुर, ऊंचा पिंड, रानीगंज सहित आधा दर्जन गांवों का दौरा किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बाबा साहेब के जीवन से प्रेरणा लेकर खूब पढ़ाई करने का संदेश दिया गया।
बाबा साहेब का जीवन-संघर्ष बताया
सीए अंशुल दीक्षित ने डॉ. अंबेडकर के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था। विषम परिस्थितियों के बावजूद वे शिक्षा के महत्व को समझते थे। बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ की आर्थिक मदद से वे कोलंबिया यूनिवर्सिटी, अमेरिका गए। इसके बाद लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उन्होंने अर्थशास्त्र में पीएचडी की।उन्होंने कहा कि अर्थशास्त्र, कानून, समाजशास्त्र और राजनीति विज्ञान के प्रकांड विद्वान बाबा साहेब ने हमेशा ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ का नारा दिया। कॉपी-पेन पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को बाबा साहेब के विचारों से जोड़ते हैं।







