FATEHPUR NEWS: औंग थाना क्षेत्र में धारदार हथियार से हमले के बाद हुई पवन विश्वकर्मा की मौत के मामले में पुलिस की जांच के दौरान एक और गंभीर तथ्य सामने आया है। 2 सितंबर को लड़की दिखाने के बहाने घर से ले जाए गए राजू विश्वकर्मा का शव शनिवार को कल्याणपुर थाना क्षेत्र में मुरादीपुर पुलिया के नीचे से बरामद हुआ। परिजनों ने शव की पहचान राजू विश्वकर्मा पुत्र महावीर विश्वकर्मा, उम्र करीब 48 वर्ष, के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर की रात करीब 2:30 से 3 बजे के बीच औंग थाना क्षेत्र के बीकमपुर गांव में पवन विश्वकर्मा पुत्र रामसजीवन विश्वकर्मा निवासी आशापुर ने अपने ससुरालीजनों राजेश, राजकरन, प्रदीप, गोरे और बुद्धा पर धारदार हथियार से कथित रूप से जानलेवा हमला कर दिया था। हमले में कई लोग घायल हुए। बीच-बचाव के दौरान पवन विश्वकर्मा भी घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में औंग थाने में संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि घटना से एक दिन पहले 2 सितंबर को पवन विश्वकर्मा, राजू विश्वकर्मा को उसके पुत्र राजकरन के लिए लड़की दिखाने के बहाने अपने साथ ले गया था। बाद में पवन अकेला वापस आया और राजू के संबंध में पूछे जाने पर सही जानकारी नहीं दी। राजू के लापता होने पर परिजनों की ओर से औंग थाने में अभियोग दर्ज कराया गया था। इसके बाद पुलिस टीमें राजू की तलाश में लगातार जुटी थीं। इसी क्रम में शनिवार को करीब 10:14 बजे कल्याणपुर थाना पुलिस को मुरादीपुर पुलिया के नीचे एक अज्ञात व्यक्ति का शव फंसा हुआ मिला। शव की पहचान कराने के लिए औंग पुलिस से संपर्क किया गया। प्रभारी निरीक्षक ने राजू विश्वकर्मा के परिजनों को सूचना देकर मौके पर बुलाया। परिजनों ने शव की पहचान राजू विश्वकर्मा के रूप में की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई के तहत पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।







