KAUSHAMBI NEWS: कृषि उत्पादन लागत में लगातार वृद्धि और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत विकास खण्ड मूरतगंज के मोहनापुर गांव में सोमवार को कृषक प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मृदा वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए मृदा परीक्षण आधारित संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाना आवश्यक है। उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग के साथ-साथ कंपोस्ट खाद, हरी खाद एवं जिप्सम के प्रयोग के लाभ बताए। उन्होंने बताया कि इन तकनीकों के अपनाने से मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ती है, उत्पादन लागत कम होती है तथा फसल की गुणवत्ता में सुधार होता है। इफको के आशीष कुमार पटेल ने किसानों को नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी जैसी उन्नत उर्वरक तकनीकों की जानकारी देते हुए इनके प्रयोग की विधि और लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरक कम मात्रा में अधिक प्रभावी परिणाम देते हैं तथा पोषक तत्वों की उपयोग दक्षता बढ़ाते हैं। वहीं कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक नीलेश कुमार ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं तथा फार्मर रजिस्ट्री के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से समय पर पंजीकरण कराकर सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।





