फातिमा पब्लिक स्कूल में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम, हजारों विद्यार्थियों ने ली यातायात नियमों के पालन की शपथ
FATEHPUR NEWS: शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता ‘सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा’ के तहत शनिवार को फातिमा पब्लिक स्कूल एवं चौधरी रघुनाथ सहाय इंटर कॉलेज में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में हजारों विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई और पंपलेट के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पंकज यादव तथा त्रिवेणी हाईवेज प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश भारद्वाज एवं अतुल यादव के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार एवं शायर शिव शरण बंधु तथा तौहीद सिद्दीकी मौजूद रहे। इस दौरान राजस्थान सरकार के सड़क सुरक्षा राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ सीएसआर एवं सुरक्षा प्रबंधक फिरोज खान ने कहा कि यदि कुछ अच्छा करने की जिद और जुनून को सही दिशा में किए गए प्रयासों से जोड़ा जाए तो परिस्थितियां ज्यादा समय तक विषम नहीं रह सकतीं। उन्होंने कहा कि लगातार सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है, जिसका असर आमजन में यातायात नियमों के पालन को लेकर दिखाई देने लगा है। कार्यक्रम के दौरान एक मासूम छात्रा ने मुख्य अतिथि शिव शरण बंधु से ऐसी बात कही, जिसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। छात्रा ने कहा, “मेरे पापा को भी समझा दो, मुझे भी हेलमेट पहननी है। मेरे पापा मुझे स्कूल छोड़ते समय भी हेलमेट नहीं लगाते। उन्हें बताइए कि हेलमेट क्यों जरूरी है।” छात्रा की इस मासूम अपील ने सड़क सुरक्षा के संदेश को और प्रभावी बना दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि बच्चों को अपने अभिभावकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराने के लिए प्रेरित करना जागरूकता अभियान की बड़ी सफलता है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि हेलमेट केवल चालान और कानून से बचने का साधन नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटना की स्थिति में जीवन बचाने का महत्वपूर्ण सुरक्षा उपकरण है। दोपहिया वाहन चलाते समय चालक के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट का इस्तेमाल करना चाहिए। विशेष रूप से अभिभावकों को बच्चों को स्कूल छोड़ते और वापस लाते समय यातायात नियमों का स्वयं पालन कर उनके सामने उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। आयोजकों ने कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान का उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में स्थायी बदलाव लाना है। बच्चों और युवाओं को जागरूक कर उनके माध्यम से परिवारों तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।







