Home उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉलेज में दो महीने में 633 सर्पदंश मरीजों की बची जान

मेडिकल कॉलेज में दो महीने में 633 सर्पदंश मरीजों की बची जान

KUSHINAGAR NEWS: जिले के मेडिकल कॉलेज ने सर्पदंश के मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। जुलाई और अगस्त माह में सर्पदंश के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे 633 मरीजों की जान डॉक्टरों ने समय पर उपचार शुरू कर बचाई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सभी 633 मरीज सर्पदंश के तुरंत बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे, जिससे उनका तत्काल इलाज शुरू किया जा सका। जागरूकता बढ़ने से अब सर्पदंश के मरीज झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ने के बजाय सीधे अस्पताल पहुंच रहे हैं, जो जीवन बचाने में अहम साबित हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्पदंश में झाड़-फूंक के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई लोग झाड़-फूंक के चलते समय गंवा देते हैं, जिससे मरीज की हालत बिगड़ जाती है और जान का खतरा बढ़ जाता है। मेडिकल कॉलेज में सर्पदंश के मरीजों के लिए बेहतर उपचार की व्यवस्था है। एंटी स्नेक वेनम और प्रशिक्षित डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उपलब्ध है, जिससे जिले में सर्पदंश से होने वाली मौतों में कमी आई है।