Home उत्तर प्रदेश मुसलमानों को ‘राक्षस’ बताने वाले बयान पर घिरे पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप...

मुसलमानों को ‘राक्षस’ बताने वाले बयान पर घिरे पूर्व विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह, कार्रवाई की उठी मांग

SIDHARTHNAGAR NEWS: डुमरियागंज के पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह एक बार फिर अपने विवादित और भड़काऊ बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। शाहपुर स्थित हिंदू भवन में आयोजित होली मिलन समारोह के दौरान मंच से संबोधन करते हुए उन्होंने मुसलमानों को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी, जिसके बाद उनके बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। कार्यक्रम में संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि “आज के राक्षस पूरी दुनिया के मुसलमान हो चुके हैं।” इतना ही नहीं, उन्होंने आगे कहा कि राक्षसों के वध का संकल्प लेना होगा, तभी सनातन धर्म सुरक्षित रह सकेगा। उन्होंने अपने बयान में भगवान नरसिंह और हिरण्यकश्यप की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे भगवान नरसिंह ने हिरण्यकश्यप का वध किया था, उसी तरह राक्षसों का संहार होना चाहिए। पूर्व विधायक के इस बयान को कई लोग समाज में वैमनस्य फैलाने वाला और सांप्रदायिक सौहार्द को ठेस पहुंचाने वाला बता रहे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि एक जिम्मेदार सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति द्वारा इस प्रकार का बयान देना न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि इससे सामाजिक ताना-बाना भी प्रभावित हो सकता है। कई लोगों ने प्रशासन से इस मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है। यह पहला मौका नहीं है जब सिंह अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों। 16 अक्टूबर 2025 को एक जनसभा के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि यदि मुस्लिम लड़के हिंदू लड़कियों को अपने साथ ले जाते हैं तो बदले में मुस्लिम लड़कियों को हिंदू बनाकर लाने की बात कही थी। इसके अलावा 20 जनवरी 2026 को एक कुश्ती दंगल के दौरान सामने आए एक वीडियो में भी उन्होंने मुसलमानों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी तरह 11 फरवरी 2026 को तहसील परिषद परिसर में जानवर के अवशेष मिलने की सूचना पर मौके पर पहुंचे सिंह ने भीड़ के बीच मुसलमानों की ओर इशारा करते हुए विवादित बयान दिया था, जिसकी काफी आलोचना हुई थी। लगातार विवादित बयानों के कारण एक बार फिर पूर्व विधायक सवालों के घेरे में हैं। जानकारों का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां न केवल सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा हैं बल्कि कानून व्यवस्था पर भी असर डाल सकती हैं। ऐसे में प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।