Home उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय निर्माण के लिए हुआ भूमिपूजन

मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय निर्माण के लिए हुआ भूमिपूजन

2477.77 लाख की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक विद्यालय का सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष व डीएम ने किया शुभारंभ
BHADOHI NEWS: जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय (प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक) बहरैची के निर्माण कार्य का भूमि पूजन वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ हुआ। सांसद डॉ.विनोद कुमार बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, पूर्व विधायक भदोही रविंद्रनाथ त्रिपाठी तथा डीएम शैलेश कुमार ने संयुक्त रूप से भूमि पूजन कर परियोजना के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस दौरान सभी लोगों ने पौधरोपण किया। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से युक्त होगा, जिससे ग्रामीण एवं आसपास के क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। विद्यालय में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक की शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे विद्यार्थियों को एक ही परिसर में बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सकेगा। परियोजना के अंतर्गत कुल 2477.77 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से प्रथम चरण में 1238.88 लाख रुपए अवमुक्त किए गए हैं। निर्माण कार्य का दायित्व परियोजना प्रबंधक यूपीपीसीएल यूनिट-16 मिर्जापुर को सौंपा गया है। अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाएगा। विद्यालय परिसर में मुख्य भवन (जी़2), मिड डे मील भवन (जी़1), बाल वाटिका, मल्टीपरपज हॉल, प्रिंसिपल आवास, स्टाफ रूम, डोरमेट्री, गार्ड रूम, साइट डेवलपमेंट, बाउंड्रीवाल, सीसी रोड एवं इंटरलॉकिंग सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं का निर्माण कराया जाएगा। आधुनिक संसाधनों से युक्त यह विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण से क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षिक अवसर प्राप्त होंगे तथा अभिभावकों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस मौके पर एसडीएम भदोही अरुण गिरी, बीएसए शिवम पांडेय सहित अन्य अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामवासी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों की उपस्थिति रही।