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मकान बनाने पर मांगे पांच लाख! महिला ने लगाया ‘गुंडा टैक्स’ वसूली का आरोप

एसडीएम खागा को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की हुई मांग
महिला ने गौंती के इस्तेखार पर निर्माण कार्य रुकवाने और धमकी देने का लगाया आरोप
FATEHPUR NEWS: खागा तहसील क्षेत्र के ऐरायाँ विकासखंड अंतर्गत ग्राम मोहम्मदपुर गौंती में मकान निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। दावतपुर मजरे मोहम्मदपुर गौंती निवासी महिला ने गांव के एक युवक पर मकान निर्माण रुकवाने, पांच लाख रुपये की मांग करने और विरोध करने पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) खागा से मामले की शिकायत की है। पीड़िता ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई और सुरक्षित तरीके से निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है। दावतपुर निवासी शकीला बानो पत्नी सलीम ने एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने अपने घर के निकट स्थित एक भूमि विधिवत खरीदी है। भूमि क्रय करने के बाद उन्होंने अपने परिवार के लिए मकान का निर्माण कार्य शुरू कराया। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू होते ही मोहम्मदपुर गौंती निवासी इस्तेखार मौके पर पहुंच गया और मजदूरों को काम बंद करने के लिए कह दिया। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने दावा किया कि वह स्वयं उक्त जमीन खरीदना चाहता था। उसने कथित रूप से कहा कि यदि उस जमीन पर मकान बनाना है तो उसे पांच लाख रुपये देने होंगे, अन्यथा किसी भी कीमत पर निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। महिला का आरोप है कि आरोपी ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें और उनके परिवार को धमकी भी दी। शकीला बानो ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि घटना के बाद उन्होंने तत्काल भूमि विक्रेता को पूरे मामले की जानकारी दी। विक्रेता ने उन्हें आश्वस्त करते हुए बताया कि भूमि का विक्रय पूरी तरह वैध है और उन्होंने निर्माण कार्य जारी रखने की सलाह दी। इसके बाद जब दोबारा मकान का निर्माण शुरू कराया गया तो आरोपी फिर मौके पर पहुंच गया और निर्माण कार्य में बाधा डालते हुए गाली-गलौज करने लगा। महिला का आरोप है कि आरोपी ने दोबारा धमकी दी कि बिना उसकी शर्तें माने मकान का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। पीड़िता का कहना है कि उन्होंने मामले की जानकारी स्थानीय स्तर पर भी दी, लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी है। उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र में स्पष्ट किया है कि न तो स्थानीय लेखपाल और न ही पुलिस प्रशासन की ओर से निर्माण कार्य रोकने का कोई आदेश जारी किया गया है। इसके बावजूद आरोपी लगातार निर्माण कार्य में हस्तक्षेप कर रहा है, जिससे उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर है। महिला ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, आरोपों की सत्यता की जांच के बाद दोषी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए तथा उन्हें बिना किसी अवरोध और भय के अपने मकान का निर्माण कराने की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।