Home उत्तर प्रदेश बुनियादी साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान में दक्ष कराना ही एफएलएन प्रशिक्षण का...

बुनियादी साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान में दक्ष कराना ही एफएलएन प्रशिक्षण का उद्देश्य

KAUSHAMBI NEWS: बी आर सी सिराथू में एससीआरटी नवीन पाठ्यपुस्तक आधारित पांच दिवसीय एफएलएन ( फाउंडेशन लिटरेसी एंड न्यूमरेसी) चतुर्थ बैच का शिक्षक प्रशिक्षण शुक्रवार को संपन्न हो गया। प्रत्येक बैच में 100 शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी डा. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि ब्लाक में प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत समस्त शिक्षकों को यह प्रशिक्षण कराकर प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण में संदर्भदाता अनुराग मिश्र, ओम प्रकाश चौधरी, नरेंद्र सिंह, शालिनी जायसवाल, सुरेंद्र कुमार व एलएलएफ के नरेश कुमार ने पांच दिनों में  अकादमिक वर्ष में  पाठयपुस्तक, कार्यपुस्तिका व अन्य शिक्षण अधिगमों की समझ , एनसीईआरटी आधारित नवीन पाठयपुस्तकों, पाठयपुस्तक आधारित कार्यपुस्तिका, पठन अभ्यास एवं प्रवाह पूर्ण पठन पर समझ, अकादमिक वर्ष के शिक्षक संदर्शिका, हॉलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड, कैच अप व पठन की समग्र समझ ‘डिअर’ के बारे में विस्तारपूर्वक बताते हुए कक्षाकक्ष में उसके क्रियान्वन के लिए बेहतर प्रयोग और उपाय बताए। जिससे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर निपुण की श्रेणी में लाया जा सके।  प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में एआरपी ओ पी चौधरी ने कहा कि वर्तमान सत्र में कक्षा एक से कक्षा चार तक में एनसीईआरटी की पुस्तके लागू हो चुकी है।  जिनकी समझ विकसित करने के लिए यह प्रशिक्षण दिया गया। एफएलएन (बुनियादी साक्षरता व संख्यात्मक ज्ञान) का अर्थ है बच्चों के अंदर अर्थपूर्ण तरीके से पढ़ने, लिखने और जोड़ घटाव जैसी बुनियादी गणितीय गणना करने की क्षमता विकसित होना है। इसमें केवल अक्षर और अंक पहचानना ही नहीं बल्कि ध्वनि विज्ञान को समझना, पढ़ने की प्रवाह क्षमता, पाठ की समझ विकसित करना और संख्याओं, आकृतियों, माप आदि से संबंधित गणितीय अवधारणाओं को समझना व उपयोग करना शामिल है। यह कौशल भविष्य की शिक्षा और जीवन की सफलता के लिए आधारभूत होते है। सभी संदर्भदाताओं ने उपस्थित शिक्षकों से बताई गई गतिविधियां व शिक्षण विधियों को अपने अपने स्कूलों में जाकर धरातल पर उतारते हुए बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का आह्वान किया जिससे बच्चों को शासन की मंशा के अनुरूप निपुण किया जा सके। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर चतुर्थ बैच के शिक्षकों ने प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभव व नवीन शिक्षण विधियों का विद्यालय में प्रयोग कर बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार लाने का संकल्प लिया।