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बात नहीं सुनी गई तो सपा का बहिष्कार की चंद मुस्लिमों की चेतावनी

फतेहपुर में चाय वाले विवाद पर गरमाई सियासत, मुस्लिम समुदाय ने बैठक कर दी चेतावनी
FATEHPUR NEWS: जनपद में चर्चित “आर्यन चाय वाले” प्रकरण को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के प्रेमनगर कस्बा स्थित एक गेस्ट हाउस में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर उनके विरोध में बात करते हुए पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि अखिलेश यादव ने हाल ही में लखनऊ में आर्यन चाय वाले और उसके पिता से मुलाकात कर उनकी बात सुनी, लेकिन अल्पसंख्यक समुदाय के पक्ष को नजरअंदाज कर दिया गया। इससे समुदाय के लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, चाय दुकान पर हुए विवाद के बाद दर्ज मुकदमे में अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ युवकों के नाम शामिल किए गए हैं, जिसे प्रदर्शनकारियों ने “फर्जी” बताया। उनका कहना है कि बिना पूरी जांच के केवल एक पक्ष की बात सुनकर कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं है। बैठक में काफी लोग शामिल हुए। इस बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की बात करने वाली सपा को सभी वर्गों की आवाज सुननी चाहिए, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक बैठक के बाद एक उपद्रवी तत्व द्वारा पुतला लाया गया जिसे लोगों को उकसाकर और विरोध प्रदर्शन कर पुतला जलाया गया। हालांकि, मौके पर मौजूद कुछ लोगों का यह भी कहना है कि पुतला दहन की घटना अचानक हुई और इसमें सीमित लोग ही शामिल थे। वहीं प्रदर्शन में शामिल कुछ युवकों ने कहा कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाएगी, वे समाजवादी पार्टी का बहिष्कार जारी रखेंगे। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मुकदमे से निर्दोष लोगों के नाम हटाने की भी बात कही। प्रेमनगर में आयोजित इस सभा का नेतृत्व इजूरा बुजुर्ग ग्राम पंचायत के प्रधान नदीमउद्दीन और इश्तियाक बेग उर्फ भुट्टू भाई ने किया। सभा में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि जल्द ही मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह पूरा मामला अब स्थानीय विवाद से आगे बढ़कर राजनीतिक रूप ले चुका है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है और ये भी सपा सूत्रों द्वारा बताया गया है कि ये भीड़ महज एक व्यक्ति विशेष के इशारे पर हो रहा है और यहां आई भीड़ महज व्यक्ति विशेष से जुड़े व्यक्ति हैं जो कहीं न कहीं उनके साथ जुड़कर क्षेत्र में अनैतिक कार्य करते हैं और न तो सपा से इनका कोई लेना देना है और न ही मुस्लिम समुदाय में इनकी कोई पकड़ व पैठ है। साथ ही बताया गया कि मुस्लिम समाज के जिम्मेदारों का सपा और अखिलेश यादव के प्रति न तो कोई कमी आएगी और न ही कोई फर्क पड़ेगा। हालांकि इस आयोजन से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि पुतला दहन और प्रदर्शन का कार्य कई चौराहों पर जारी रहेगा।