FATEHPUR NEWS: मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यू.बी. सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स के सहयोग से बच्चों में होने वाली टीबी (तपेदिक) की पहचान एवं उपचार विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों को बच्चों में टीबी के लक्षणों की समय रहते पहचान कर प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित करना था। कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अशोक कुमार एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश कुमार ने प्रतिभागियों को बच्चों में टीबी की पहचान, जांच, उपचार और बचाव के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों में टीबी के लक्षण कई बार सामान्य बीमारियों जैसे दिखाई देते हैं, इसलिए समय पर जांच और सही पहचान बेहद आवश्यक है। प्रशिक्षण में जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. राजेश कुमार, एसीएमओ डॉ. इश्तियाक, एसीएमओ डॉ. पी.के. सिंह, प्रमुख एनआरसी डॉ. रघुनाथ सिंह, डीआईओ डॉ. सुरेश, महिला कल्याण विभाग की मोहिनी शाहू, एसटीएस हसीब अहमद, टीबीएचवी मो. फैज सिद्दीकी तथा वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अंशू वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यू.बी. सिंह ने कहा कि बच्चों में टीबी की समय पर पहचान और उपचार संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के साथ-साथ गंभीर जटिलताओं से बचाव में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य प्रत्येक संभावित टीबी प्रभावित बच्चे तक समय पर जांच और उपचार की सुविधा पहुंचाना है, ताकि बीमारी की जल्द पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को बच्चों में टीबी के संदिग्ध मामलों की पहचान, आवश्यक जांच, उपचार प्रबंधन तथा मरीजों के नियमित फॉलोअप की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि जनजागरूकता और समय पर उपचार से बच्चों में टीबी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।







