‘क्लाइमेट एक्शन’ थीम पर पर्यावरण सेना एवं दुर्गावती फाउंडेशन द्वारा पर्यावरणीय कला प्रतियोगिता का आयोजन कर पर्यावरण जागरूकता सप्ताह का हुआ शुभारंभ
PRATAPGARH NEWS: दुर्गावती फाउंडेशन के सहयोग से पर्यावरण सेना द्वारा विश्वनाथगंज बाजार स्थित शहीद भगत सिंह एजुकेशनल एकेडमी में विश्व पर्यावरण दिवस की थीम क्लाइमेट एक्शन पर विद्यार्थियों के बीच पर्यावरणीय कला प्रतियोगिता का आयोजन कर लोगों को जलवायु कार्यवाही के लिए जागरूक किया गया।प्रतियोगिता में 165 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर अपने पर्यावरण प्रेम का परिचय दिया।बच्चों ने अपने अभिभावकों से सहयोग से बनाए गए ग्रीन मॉडल को प्रस्तुत किया।जिसके माध्यम से बच्चों ने ग्लोबल वार्मिंग,तेजी से बढ़ रहे वायु,जल एवं ध्वनि प्रदूषण,जल संरक्षण,प्लास्टिक प्रदूषण सहित अन्य पर्यावरणीय मुद्दों पर लोगों का ध्यानाकर्षित करते हुए धरती को जलवायु संकट से बचाने की अपील किया।बच्चों का कहना है कि धरती पर बढ़ती गर्मी,कहीं कम वर्षा,कहीं बाढ़,सूखे की समस्या और जल संकट के लिए पेड़ों और जंगलों का विकास के नाम पर हो रही कटान ही जिम्मेदार है।जिसके करना आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक समस्या से जूझ रही है।बच्चों ने लोगों से हर हाल में पेड़ों को न काटने की अपील की है।सभी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 100 से अधिक बच्चों को दुर्गावती फाउंडेशन के ट्रस्टी संजय सिंह के सहयोग से टिफिन बॉक्स उपहार के रूप में दिए गए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यावरण सेना प्रमुख ग्रीनमैन अजय क्रांतिकारी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण से आज धरती का स्वास्थ्य बिगड़ गया है।हमें धरती पुत्र के रूप में धरती माता के बेहतर स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली अपनाकर अपना प्राकृतिक योगदान देना होगा।उन्होंने सभी से हरियाली को बढ़ाने,ऊर्जा की बचत,जल संरक्षण और जलवायु कार्यवाही में कार्बन उत्सर्जन को कम करने की हरित अपील की। स्कूल की प्रबंधिका पूनम पांडे ने बच्चों से पानी बचाने और अपने जन्मदिन पर एक-एक पेड़ लगाने हेतु प्रेरित किया।
इस मौके पर पूर्व प्रधान बोझी दिनेश प्रताप सिंह,एकेडमी के निदेशक राजमणि पांडे,शिवाकांत मिश्रा,श्रवण कुमार तिवारी,विनोद मिश्रा,आनंद तिवारी, मंजू मिश्रा, प्रिया,अजया, विवेक शुक्ला, रेनू, सपना,ईशा, पूनम,प्रतिभा,स्नेहा, काजल, सृष्टि, रिशिता,अमृता, शाईस्ता, महिमा, अर्निका, शालिनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।







