पुलिस टीम को मिला ₹25 हजार का पुरस्कार
FATEHPUR NEWS: थाना बकेवर पुलिस ने गुमशुदा युवक विजय निषाद की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए एक दंपती को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार प्रेम-प्रसंग के चलते युवक की हत्या की गई थी। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक के नर कंकाल के अवशेष, हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का चौखट, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन के अवशेष समेत कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। मामले के सफल अनावरण पर पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है। पुलिस के मुताबिक थाना बकेवर क्षेत्र के ग्राम टिकरा निवासी इंद्रपाल निषाद ने 31 मई को तहरीर देकर बताया था कि उनका पुत्र विजय निषाद 8 मई को मोटरसाइकिल से ग्राम मनकी, थाना कुरारा, जनपद हमीरपुर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा। इस संबंध में पहले गुमशुदगी दर्ज की गई थी। बाद में परिजनों ने आरोप लगाया कि विजय निषाद की बातचीत ग्राम मनकी निवासी किरण देवी से होती थी और इसी रंजिश के चलते किरण देवी तथा उसके पति कामता निषाद ने उसकी हत्या कर शव को छिपा दिया है। तहरीर के आधार पर थाना बकेवर में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी बिंदकी के नेतृत्व में गठित टीम ने सर्विलांस, मुखबिर सूचना और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। जांच के दौरान पुलिस ने पहले कामता निषाद और बाद में उसकी पत्नी किरण देवी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि किरण देवी और विजय निषाद के बीच करीब आठ माह से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इस बात की जानकारी होने पर कामता निषाद विजय से रंजिश रखने लगा था। उसने विजय को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और अपनी पत्नी को भी इसमें शामिल कर लिया। पुलिस के अनुसार 8 मई को किरण देवी ने मोबाइल फोन के माध्यम से विजय निषाद को मिलने के बहाने अपने घर बुलाया। विजय के घर पहुंचने पर उसे अंदर ले जाया गया और मुख्य दरवाजे पर ताला लगा दिया गया, ताकि वह बाहर न निकल सके। घर के अंदर पहले से मौजूद कामता निषाद ने लकड़ी के चौखट से विजय के सिर पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को घर के एक कमरे में छिपा दिया और खून के निशानों को साफ कर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। रात होने पर दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार शव अकड़ जाने के कारण उसे बोरे में भरने में परेशानी हुई, जिसके बाद आरोपियों ने आरी और ग्राइंडर की सहायता से शव के पैरों को काटकर मोड़ा और बोरे में भर दिया। इसके बाद शव को मोटरसाइकिल से कानपुर नगर जनपद के थाना रेउना क्षेत्र के जंगल में ले जाकर जला दिया गया। पहचान मिटाने के उद्देश्य से मृतक का पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, जूते और अन्य सामान भी जंगल में फेंक दिया गया। आरोपियों ने मृतक की मोटरसाइकिल को दूसरे स्थान पर खड़ा कर दिया तथा उसका मोबाइल फोन और चश्मा तोड़कर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। अगले दिन हत्या में प्रयुक्त आरी की ब्लेड, ग्राइंडर ब्लेड और खून से सने कपड़ों को भी जला दिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से मानव कंकाल और अन्य अवशेष बरामद किए। इसके अलावा मृतक का पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, ताबीज, जले हुए कपड़ों के अवशेष, जूते, मोबाइल और चश्मे के टूटे हुए हिस्से, हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का चौखट, आरी, ग्राइंडर ब्लेड तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिलें भी बरामद की गईं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया। मामले की विवेचना जारी है। वहीं, इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। मामले का सफल खुलासा करने वाली टीम में थाना बकेवर के प्रभारी निरीक्षक तुषार श्रीवास्तव, उपनिरीक्षक ब्रह्मदेव यादव, उपनिरीक्षक रजनीश पाण्डेय सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने टीम की सराहना करते हुए ₹25,000 का नगद पुरस्कार प्रदान किया।







