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प्रदेश को निगरानी राज्य बनाने के विरोध में उतरी सीपीआई, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बैनर तले कॉमरेडों ने एसडीएम खागा के माध्यम से भेजा ज्ञापन
वामपंथी नेताओं-कार्यकर्ताओं के घर दबिश और निजी दस्तावेज मांगे जाने का  लगाया आरोप
FATEHPUR NEWS: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) जिला कौंसिल फतेहपुर ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर वामपंथी नेताओं और कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी खागा के माध्यम से भेजा है। पार्टी ने प्रदेश में कथित तौर पर की जा रही पुलिस कार्रवाई और निजी दस्तावेज मांगे जाने को लेकर विरोध जताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है। सीपीआई जिला कौंसिल की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस द्वारा वामपंथी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के घरों पर देर रात पहुंचकर दबिश दी जा रही है। पार्टी का दावा है कि इस दौरान आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की पासबुक, फोटो और सोशल मीडिया आईडी जैसे निजी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि एलआईयू के अधिकारी फोन कर वामपंथी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों पर निजी दस्तावेज उपलब्ध कराने का दबाव बना रहे हैं। पार्टी ने कहा है कि संबंधित लोगों को पहले से किसी प्रकार का आदेश, नोटिस या सूचना नहीं दी गई है। सीपीआई ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस की 79वीं वर्षगांठ के बाद वामपंथी कार्यकर्ताओं और नेताओं के घरों में इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। पार्टी का कहना है कि प्रदेश में कथित फर्जी मुठभेड़ों, हिरासत में मौतों तथा महिलाओं और बच्चियों के साथ होने वाली घटनाओं के विरोध में आवाज उठाने वाले लोगों को दबाव में लेने और उत्पीड़ित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की जा रही है। ज्ञापन में कहा गया है कि वामपंथी पार्टियों का आजादी के आंदोलन से लेकर जनसमस्याओं के संघर्ष तक का लंबा इतिहास रहा है। पार्टी ने सवाल उठाया कि किसी सरकार या संस्था द्वारा वामपंथी पार्टियों को देश, राष्ट्रप्रेम और राष्ट्र सम्मान के लिए किसी प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं है। इस दौरान कॉमरेड राम प्रकाश, जिला सचिव के साथ एडवोकेट मोतीलाल, राज्य कार्यकारिणी सदस्य, उत्तर प्रदेश, रामकृष्ण हेगड़े, जगरूप भार्गव, सुमन सिंह, पूरन लाल, नरोत्तम सिंह, चन्द्र शेखर सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे हैं।
ज्ञापन के माध्यम से पांच सूत्रीय मांगें रखीं
सीपीआई ने अपने प्रांतीय आह्वान पर 29 अगस्त को एक दिवसीय प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन के माध्यम से पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें प्रदेश में वामपंथी नेताओं और कार्यकर्ताओं का पुलिस द्वारा कराया जा रहा कथित उत्पीड़न तत्काल बंद कराने की मांग प्रमुख है। पार्टी ने बिना किसी आदेश के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के निजी दस्तावेज लिए जाने की कार्रवाई तत्काल बंद करने की मांग की। इसके साथ ही प्रदेश के नागरिकों के हक और अधिकारों पर कथित हमले रोकने, प्रदेश को ‘निगरानी राज्य’ बनाने से रोकने तथा नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर चोट पहुंचाने वाली कार्रवाई बंद करने की मांग की गई है। ज्ञापन में पार्टी ने संबंधित कार्रवाई को लेकर सरकार से स्पष्टता और हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना शासन की जिम्मेदारी है।