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नियम ताक पर: मुख्यालय से दूर गली-कूंचों में चल रहा जल निगम ग्रामीण का दफ्तर

KUSHINAGAR NEWS: शासन का स्पष्ट नियम है कि जिला स्तरीय सभी कार्यालय मुख्यालय के निकट स्थापित हों, ताकि दूर-दराज से आने वाले फरियादियों को सहूलियत हो। लेकिन जल निगम ग्रामीण, कुशीनगर का कार्यालय इस नियम को ताक पर रखकर लगातार तीसरी बार स्थान बदल चुका है। वर्तमान में कार्यालय ऐसी जगह संचालित हो रहा है, जहां न कोई बोर्ड लगा है और न ही आमजन को इसकी जानकारी है। फरियाद लेकर आने वाले लोगों को दफ्तर खोजने में ही पसीना बहाना पड़ता है। पहले कई वर्षों तक कार्यालय पडरौना मुख्यालय के पास था। मुख्यालय से नजदीक होने के कारण जिले के कोने-कोने से लोग अपनी शिकायतें लेकर आसानी से पहुंच जाते थे। लेकिन अब नया कार्यालय कसया में खोला गया है, जो गली-कूंचों में इस तरह है कि लोगों को पता ही नहीं चलता कि दफ्तर कहां है। नियमानुसार जिला स्तरीय कार्यालय मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए। मगर जल निगम ग्रामीण का दफ्तर नियमों की अनदेखी कर गली में चला गया है। गौरतलब है कि जल निगम ग्रामीण पर केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल’ योजना की जिम्मेदारी है। कागजों में योजना तेज गति से चल रही है, लेकिन जमीन पर लोगों को शुद्ध पेयजल अब भी मयस्सर नहीं है। ऐसे में कार्यालय को मुख्यालय से दूर छिपाकर रखना जिम्मेदारों की मंशा पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उच्च अधिकारियों को भी जनता की परेशानी से कोई सरोकार नहीं दिखता। बोर्ड तक न लगाना और बार-बार जगह बदलना यह दर्शाता है कि जिम्मेदार जवाबदेही से भाग रहे हैं।