डायट में मासिक समीक्षा बैठक, बीएसए बोले- विद्यालयों में नियमित अनुश्रवण और नवाचार पर दें विशेष जोर
KAUSHAMBI NEWS: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान मंझनपुर में गुरुवार को जनपद के समस्त बीईओ, डायट मेंटर, एआरपी व एसआरजी की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक का संचालन डायट प्राचार्य निधि शुक्ला के निर्देशन में किया गया। बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा, डीसी धर्मनाथ सहित जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारी, डायट मेंटर, एआरपी व एसआरजी उपस्थित रहे। बैठक में एफएलएन मिशन, एनसीईआरटी आधारित शिक्षण, निपुण लक्ष्य, निपुण तालिका, कार्यपुस्तिका, शिक्षक संदर्शिका, बेसलाइन एवं इन-लाइन आकलन, शिक्षण-अधिगम सामग्री के प्रभावी उपयोग, बाल वाटिका, स्मार्ट क्लास, पुस्तक संस्कृति, प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति व इको क्लब फॉर मिशन लाइफ की गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही आगामी माह की कार्ययोजना को लेकर आवश्यक रणनीति तैयार की गई।
डायट प्राचार्य ने कहा कि निपुण भारत मिशन के निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक शिक्षक को सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और बालकेंद्रित बनाना होगा। उन्होंने कहा कि कक्षा शिक्षण में एनसीईआरटी आधारित गतिविधियों, कार्यपुस्तिकाओं और टीएलएम का नियमित व गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। विद्यालयों में पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने, बच्चों की भाषा व गणितीय दक्षता में निरंतर सुधार लाने और प्रशिक्षण में प्राप्त नवाचारों को कक्षा-कक्ष तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि नियमित अनुश्रवण और समयबद्ध समीक्षा से ही अपेक्षित शैक्षिक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. कमलेन्द्र कुमार कुशवाहा ने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों व एआरपी को निर्देशित किया कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण व शैक्षिक अनुश्रवण करें, शिक्षकों का सतत शैक्षणिक सहयोग सुनिश्चित करें व प्रत्येक गतिविधि का समयबद्ध क्रियान्वयन कराया जाए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लास, बाल वाटिका, टीएलएम, आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन) और निपुण भारत मिशन से जुड़ी सभी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि जनपद के शैक्षिक स्तर में निरंतर सुधार हो सके।
बैठक में अधिकारियों ने आगामी माह की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए सभी शैक्षिक कार्यक्रमों को निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों में नवाचारों को प्रोत्साहित करने, बच्चों के अधिगम स्तर का नियमित मूल्यांकन करने तथा प्रत्येक विद्यालय को निपुण लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करने का आह्वान किया।







