VARANASI NEWS: गेल (इंडिया) लिमिटेड ने वाराणसी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) परियोजना के अंतर्गत स्वच्छ, सुरक्षित एवं किफायती ऊर्जा के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए पांडेयपुर स्थित होटल ‘डबल ट्री बाय हिल्टन’ में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति आज शनिवार को सफलतापूर्वक प्रारंभ कर दी गई। पीएनजी आपूर्ति का उद्घाटन श्री सुशील कुमार, महाप्रबंधक (जीएम) एवं वाराणसी सीजीडी प्रमुख द्वारा किया गया। इस अवसर पर नवाज़िश अली अंसारी,(उप महाप्रबंधक),जो वाराणसी में पाइपलाइन नेटवर्क के विकास एवं विस्तार का दायित्व संभाल रहे हैं, विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, प्रवीण कुमार सिंह,चंदन कुमार, देबाशीष साहू, चंद्रशेखर रेड्डी तथा जे.आकाश मुख्य रूप से मौजूद रहे। इस अवसर पर सुशील कुमार (महाप्रबंधक) ने मीडिया को बताया कि,होटल “डबल ट्री बाय हिल्टन” एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की आतिथ्य श्रृंखला का हिस्सा है, जो उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं, आधुनिक सुविधाओं एवं उत्कृष्ट अतिथि अनुभव के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। वाराणसी जैसे विश्वप्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र में स्थित यह होटल अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित सेवाएं प्रदान करते हुए शहर की आधुनिक पहचान को सशक्त करता है। ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान में पीएनजी आपूर्ति की शुरुआत स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है। उन्होंने कहा कि, होटल पूर्व में अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रतिदिन लगभग 12 एलपीजी सिलेंडरों तथा मासिक स्तर पर लगभग 360 सिलेंडरों पर निर्भर था। पीएनजी आपूर्ति प्रारंभ होने के पश्चात अब होटल को निरंतर, सुरक्षित एवं बाधारहित गैस उपलब्ध हो रही है, जिससे संचालन अधिक सुचारु, स्वच्छ एवं कुशल हो गया है। साथ ही, पूर्व में उपयोग किए जा रहे एलपीजी सिलेंडरों को अब अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जा सकेगा, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ प्राप्त होगा और ऊर्जा संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित होगा। उन्होंने यह भी बताया कि,वाराणसी में पीएनजी आपूर्ति का यह विस्तार शहर को सुरक्षित, आधुनिक एवं स्वच्छ ऊर्जा व्यवस्था की ओर अग्रसर कर रहा है और हरित ऊर्जा के व्यापक उपयोग को नई दिशा दे रहा है। अंत में, गेल (इंडिया) लिमिटेड सभी उपभोक्ताओं एवं संस्थानों से अपील करता है कि वे पीएनजी कनेक्शन अपनाकर सुरक्षित, सुविधाजनक एवं पर्यावरण–हितैषी ऊर्जा प्रणाली का लाभ उठाएं।







