Home उत्तर प्रदेश ओपीडी व्यवस्था की सराहना, सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश

ओपीडी व्यवस्था की सराहना, सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश

एमएलएन मेडिकल कॉलेज में एसीएस हेल्थ ने किया समीक्षा
PRAYAGRAJ NEWS: मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में प्रदेश के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) अमित घोष ने प्राचार्य कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों एवं विभागाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक आज किया । इस दौरान उन्होंने चिकित्सा सेवाओं, आधारभूत संरचना एवं मानव संसाधनों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्राचार्य प्रो. डॉ. वीके पांडेय, उप प्राचार्य डॉ. मोहित जैन, प्रमुख अधीक्षक डॉ. नीलम सिंह, सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. वैभव श्रीवास्तव, ट्रॉमा प्रभारी डॉ. राजकुमार चैधरी, अपर निदेशक डॉ. राकेश शर्मा, संयुक्त निदेशक डॉ. आशु पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके. तिवारी सहित विभिन्न विभागों के एचओडी एवं वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे। मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. वीके. पांडेय ने मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालोंकृस्वरूप रानी नेहरू अस्पताल, मनोहर दास आई हॉस्पिटल एवं चिल्ड्रेन अस्पतालकृमें उपलब्ध सुविधाओं, भविष्य की योजनाओं एवं मानव संसाधनों के गैप एनालिसिस पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
बैठक के दौरान एसीएस ने भीषण गर्मी के बावजूद लगभग 3000 की ओपीडी संचालित होने पर चिकित्सा व्यवस्था की सराहना की। साथ ही उन्होंने अस्पताल में उपयोग हो रही मशीनों के रखरखाव एवं समयबद्ध रिपेयरिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने सुझाव दिया कि मशीनों के बेहतर संचालन हेतु किसी सक्षम एजेंसी को नामित कर नियमित निरीक्षण एवं मेंटेनेंस व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे खराबी की स्थिति में समय की बर्बादी कम हो सके। एसीएस ने कैथ लैब का भी जायजा लिया तथा कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रोसीजर की जानकारी ली और उनकी समीक्षा की। उन्होंने अस्पतालों की वर्तमान स्थिति, हॉस्टलों की व्यवस्था एवं क्रिटिकल केयर सेवाओं को सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि मरीजों को बेहतर एवं सुचारु उपचार उपलब्ध कराने के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने आवश्यकता के अनुसार पैरामेडिकल एवं नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से 2,000 बेड तक विस्तार की योजना पर सहमति जताई। एसीएस ने प्राचार्य को निर्देशित किया कि गैप एनालिसिस की विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करें, ताकि आवश्यक स्वीकृतियां एवं कार्यवाही आगे बढ़ाई जा सके। साथ ही उन्होंने विभागाध्यक्षों से मेडिकल कॉलेज में अकादमिक गतिविधियों को और सशक्त बनाने पर भी जोर दिया।