PRAYAGRAJ NEWS: गुरुवार को अप्रैल को जोनल स्तर पर नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के साथ महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह की अध्यक्षता में दो दिवसीय स्थायी वार्ता तंत्र (च्छड) की बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी मुदित चन्द्रा के स्वागत संबोधन से हुआ। इस अवसर पर सभी प्रमुख विभागाध्यक्षों के साथ यूनियन की ओर से शिव गोपाल मिश्रा (महासचिव, आईआरएफ एवं अध्यक्ष एनसीआरएमयू), आर.डी. यादव (महामंत्री, एनसीआरएमयू) सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने अपने संबोधन में रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर मध्य रेलवे के कर्मठ रेलकर्मी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं। उन्होंने यूनियन द्वारा रेल प्रशासन को दिए जा रहे सहयोग की भी प्रशंसा की। बैठक में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के लिए सभी मंडलों में ‘सिंगल विंडो सेल’ स्थापित किए गए हैं, जिनमें प्राप्त 32,340 में से 98.15ः मामलों का समाधान किया जा चुका है। वर्ष 2025-26 में 26,666 कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया, जबकि 194 मृतक आश्रितों को नियुक्ति प्रदान की गई। वहीं 90ः मामलों में अनुकंपा नियुक्ति एक माह के भीतर दी गई। इसके अलावा चयन, सुटेबिलिटी और ट्रेड टेस्ट के माध्यम से 6,032 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला। परिचालन के क्षेत्र में भी उत्तर मध्य रेलवे ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वित्त वर्ष 2025-26 में कुल यात्री संख्या 15.51 करोड़ रही, जिससे 3,443.85 करोड़ रुपये की आय हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्शाती है। वहीं मालभाड़ा लदान से 2,292.48 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई, जो 12.2ः अधिक है। इस दौरान 20.97 मीट्रिक टन का अब तक का उच्चतम मूल लोडिंग भी हासिल किया गया।
महाप्रबंधक ने अंत में कहा कि रेलकर्मियों और यूनियनों के समन्वित प्रयासों से उत्तर मध्य रेलवे लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह बेहतर कार्य करते हुए संगठन को और मजबूत बनाया जाएगा।







