झारखंड के हजारीबाग से एक दिलचस्प और चर्चा में आई खबर सामने आ रही है, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है। बताया जा रहा है कि कुछ मुस्लिम लड़कियों को एक शादी समारोह में मेहंदी लगाने का बड़ा ऑर्डर मिला था।
मालूमात के मुताबिक इन लड़कियों को शादी में करीब 50 मेहमानों को मेहंदी लगाने का काम दिया गया था। एक व्यक्ति को मेहंदी लगाने की फीस करीब 2000 रुपये तय हुई थी। इस तरह पूरा ऑर्डर लगभग 1 लाख रुपये का था।
लेकिन जब ये लड़कियां शादी हॉल में पहुंचीं तो वहां मौजूद एक बुज़ुर्ग शख्स ने उनसे कहा कि हिजाब पहनकर मेहंदी नहीं लगाई जा सकती, अगर काम करना है तो हिजाब उतारना पड़ेगा।
यह बात सुनते ही लड़कियों ने साफ़ शब्दों में कहा कि हिजाब उनके ईमान और पहचान का हिस्सा है, इसलिए वे इसे उतार नहीं सकतीं। इसके बाद उन्होंने बिना किसी बहस के पूरा ऑर्डर ही ठुकरा दिया और वहां से वापस लौट गईं।
करीब 1 लाख रुपये का काम हाथ में होने के बावजूद इन बेटियों ने अपने उसूल और हिजाब को तरजीह दी। सोशल मीडिया पर लोग इस फैसले की काफी तारीफ कर रहे हैं और इसे इज़्ज़त-ए-नफ़्स (आत्मसम्मान) और अपने मज़हबी उसूलों पर कायम रहने की मिसाल बता रहे हैं।
कई यूज़र्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि
“रिज़्क अल्लाह देता है, लेकिन अपने उसूलों पर कायम रहना ही असली कामयाबी है।”
यह मामला अब इंटरनेट पर खूब चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इन लड़कियों के फैसले को हिम्मत और अपने उसूलों की मिसाल बता रहे हैं।







