शांतिपूर्ण विरोध को दबाना लोकतंत्र की भावना के विरुद्ध: संदीप त्रिपाठी
PRATAPGARH NEWS: लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता एवं नेता संदीप त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस प्रशासन द्वारा की गई घेराबंदी, गिरफ्तारी और हाउस अरेस्ट जैसी बाधाओं के बावजूद वे 3 किलोमीटर पैदल चलकर तथा मार्ग में साथियों से सहयोग लेते हुए रायबरेली पहुँचे और वहाँ से बस द्वारा लखनऊ पहुँचे। उन्होंने कहा कि भारी दमन के बावजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का लखनऊ पहुँचना यह सिद्ध करता है कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। संदीप त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा मनरेगा में कटौती, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, देश की अस्मिता एवं संप्रभुता को कमजोर करने वाली नीतियों, अप्सटीन प्रकरण में भाजपा नेताओं की कथित भूमिका, शंकराचार्य के अपमान तथा यूजीसी द्वारा विश्वविद्यालय परिसरों में वैमनस्यता फैलाने के प्रयासों के विरोध में लखनऊ में विधानसभा घेराव का आह्वान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध से पहले ही कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है तथा अनेक साथियों को हाउस अरेस्ट किया गया है, जो लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने प्रश्न किया कि जब आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण है तो किस कानून के तहत इस प्रकार की कार्रवाई की जा रही है।
संदीप त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज करने का मौलिक अधिकार प्रदान करता है। लोकतंत्र में आवाज उठाना अपराध नहीं है और असहमति देशद्रोह नहीं होती। कांग्रेस पार्टी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है और आगे भी रहेगी। अंत में उन्होंने सभी लोकतंत्र-प्रेमी नागरिकों और कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में लखनऊ पहुँचकर इस लोकतांत्रिक संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया।







