VARANASI NEWS: हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के भौतिकी विभाग में प्रयोगशाला सहायक के पद पर कार्यरत श्री मुरलीधर गिरी को उनके 21 वर्षों के निष्ठावान सेवाकाल के पूर्ण होने पर आज विभाग में आयोजित एक गरिमामय समारोह में भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रजनीश कुँवर, विभागाध्यक्ष प्रो. आनंद कुमार द्विवेदी, वरिष्ठ प्राध्यापकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने उनके दीर्घकालिक योगदान की सराहना करते हुए उनके सुखद एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। समारोह की शुरुआत में प्राचार्य, विभागाध्यक्ष एवं अन्य प्राध्यापकों द्वारा श्री मुरलीधर गिरी को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने श्री गिरी के सेवाकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने 21 वर्षों के कार्यकाल में कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और सेवा-भाव का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनका स्वभाव अत्यंत सौम्य, सहयोगी और सरल रहा। प्रयोगशाला के सुचारू संचालन से लेकर छात्र-छात्राओं के प्रयोगात्मक कार्यों में उनका समर्पण सदैव प्रेरणादायी रहा। कार्यक्रम के दौरान उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि रामायण के आदर्शों की तरह उन्होंने अपने दायित्वों को ‘निःस्वार्थ सेवा’ मानकर निभाया। तुलसीदास जी की चौपाई “परहित सरिस धर्म नहिं भाई” उनके कार्यशैली और आचरण में पूरी तरह चरितार्थ होती है। सम्मान से अभिभूत श्री मुरलीधर गिरी ने अपने 21 वर्षों के संस्मरण साझा करते हुए महाविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस संस्थान से मिला स्नेह और सम्मान उनके जीवन की अमूल्य पूंजी है। समारोह में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. रजनीश कुँवर, प्रो. प्रभाकर सिंह, प्रो. संगीता श्रीवास्तव, प्रो. बिरेंद्र कुमार निर्मल, प्रो. संजय श्रीवास्तव, प्रो. जगदीश सिंह, प्रो. संजय कुमार सिंह, प्रो. राकेश मणि मिश्र, भौतिकी विभाग के समस्त शिक्षक प्रो. आनंद कुमार द्विवेदी, डॉ. दर्शन शर्मा, डॉ. राहुल रंजन, डॉ. श्री प्रकाश गुप्ता, डॉ. सूर्य प्रताप, डॉ. मनोज पाल, डॉ. अच्छे लाल, शोध छात्रा मोहिनी कुशवाहा, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन भौतिकी विभाग के प्राध्यापक डॉ. दर्शन शर्मा द्वारा किया गया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ सभा का समापन हुआ।







