Home उत्तर प्रदेश स्क्रब टायफस एवं लेप्टोस्पायरोसिस से बचाव हेतु सावधानी बरतने की अपील

स्क्रब टायफस एवं लेप्टोस्पायरोसिस से बचाव हेतु सावधानी बरतने की अपील

KUSHINAGAR NEWS: उप कृषि निदेशक अतिंद्र सिंह ने जनपद के समस्त कृषक बंधुओं एवं आम जनमानस से अपील किया  है कि चूहा एवं छछूंदर से फैलने वाले स्क्रब टायफस एवं लेप्टोस्पायरोसिस जीवाणु जनित संक्रामक रोग हैं। वर्तमान समय में खेतों में बुआई का कार्य प्रारम्भ होने के कारण चूहे स्वाभाविक रूप से खेतों से घरों की ओर आने लगते हैं, जिससे संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है। अतः इन रोगों की रोकथाम एवं चूहों के प्रभावी नियंत्रण हेतु निम्नलिखित उपाय अपनाए जाने की सलाह दी है।
उन्होंने बताया कि चूहेदानी का प्रयोग करते हुए उसमें आकर्षक चारा जैसे रोटी, बिस्किट, डबल रोटी आदि रखकर चूहों को पकड़ें तथा उन्हें सुरक्षित रूप से जमीन में गाड़ दें। जिंक फास्फाइड 80 प्रतिशत डब्ल्यू.पी. को 1 ग्राम सरसों के तेल एवं 48 भाग भूने हुए चना, गेहूं या चावल में मिलाकर चूहों के बिलों में डालें। एल्यूमीनियम फास्फाइड रसायन की 3–4 ग्राम मात्रा प्रत्येक जीवित बिल में डालकर बिल को बंद कर देने से निकलने वाली फॉस्फीन गैस से चूहों का प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। ब्रोमोडियोलॉन 0.005 प्रतिशत से बने बिस्किट की लगभग 10 ग्राम मात्रा प्रत्येक जीवित बिल में डालकर बंद कर देने से चूहे उसे खाकर नष्ट हो जाते हैं। जिंक फास्फाइड 80 प्रतिशत डब्ल्यू.पी. जनपद के समस्त विकास खण्डों में स्थापित राजकीय कृषि रक्षा इकाई/बीज भण्डार पर मात्र 7.00 रुपये (प्रति 10 ग्राम पैकेट) की दर से उपलब्ध है, जिसे कृषकगण क्रय कर सकते हैं। उपरोक्त रसायनों में विषैले तत्व पाए जाते हैं, अतः इनके उपयोग में विशेष सावधानी बरती जाए तथा इन्हें बच्चों एवं पशुओं की पहुंच से दूर रखा जाए। उप कृषि निदेशक ने जनपद के किसानों एवं नागरिकों से पुनः अपील की है कि अपने घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा चूहों के नियंत्रण हेतु वैज्ञानिक उपाय अपनाकर स्वयं एवं परिवार को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखें।