पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की आज रात 8.45 बजे नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगी। यह सफलता देश की जनवादी पार्टी (जनवादी) के नेतृत्व में कई दिनों तक चले उग्र विरोध प्रदर्शनों के बाद मिली है, जिसके परिणामस्वरूप केपी शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी। यह निर्णय प्रदर्शनकारियों द्वारा नेपाली सेना और राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल के साथ लंबी बातचीत के बाद लिया गया है, जिसके बाद संसद भंग करने और कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त करने की प्रदर्शनकारियों की माँगें मान ली गईं।
नेपाल की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष देवराज घिमिरे और ऊपरी सदन ‘राष्ट्रीय सभा’ के अध्यक्ष नारायण दाहाल ने शुक्रवार को आह्वान किया कि मौजूदा राजनीतिक गतिरोध को संविधान के दायरे में रह कर सुलझाया जाना चाहिए। मीडिया में आई खबरों से यह जानकारी मिली। घिमिरे और दाहाल का संयुक्त बयान ऐसे दिन आया है जब राष्ट्रपति कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक हो रही है, जिसमें यह तय किया जाएगा कि छात्रों के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के चलते मंगलवार को प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के पद से हटने के बाद अंतरिम सरकार का नेतृत्व कौन करेगा। संयुक्त बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल लोगों की संप्रभुता, नागरिक स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए स्थिति से निपटने के लिए पहल कर रहे हैं।







