सुरक्षा बन्दोबस्त के बीच हुआ प्रधान पुत्र का अन्तिम संस्कार, उदयपुर के नरवल में हत्या को लेकर तनाव का माहौलप्रतापगढ़। उदयपुर थाना के नरवल गांव में जानलेवा हमले में प्रधान के बेटे मृतक नरसिंह बहादुर सिंह का मंगलवार की सुबह तनावपूर्ण माहौल में गांव में ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। लखनऊ के एक अस्पताल में सोमवार को सायं चार बजे इलाज के दौरान गंभीर चोट के कारण नरसिंह बहादुर सिंह की मौत हो गयी थी। पीएम के बाद रात करीब दस बजे शव घर पहुंचा तब परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। मंगलवार की सुबह परिजनों ने सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस व घटना में विपक्षियों द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमें को निरस्त किये जाने की मांग उठायी। एसपी डा0 अनिल कुमार ने पीड़ित परिवार के साथ हुई फोनिक वार्ता में शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू कराये जाने को कहा। एहतियातन एसपी के निर्देश पर देव नारायण सिंह उर्फ मिंटू के साथ सुरक्षा की दृष्टि से एक आरक्षी की तैनाती की गयी है। वहीं उदयपुर पुलिस ने विपक्षी अंकित सिंह द्वारा दर्ज करायी गयी मारपीट व गालीगलौज तथा धमकी के केस को साक्ष्य के विपरीत कथित घटना करार देते हुए समाप्त कर दिया है। मृतक नरसिंह बहादुर सिंह का शव पहुंचने पर मंगलवार को प्रधान कमला देवी व मृतक के भाई मिंटू सिंह के दरवाजे गांव तथा आसपास के लोगों का भारी मजमा जुट गया। एहतियातन प्रधान के दरवाजे पर एक सेक्शन पीएसी व उदयपुर एसओ के अलावा सांगीपुर तथा लीलापुर थाने के एसओ भारी फोर्स के साथ डटे दिखे। सुबह करीब नौ बजे रोते बिलखते परिजनों ने मृतक नरसिंह बहादुर का गांव से लगभग पांच सौ मीटर दूर अंतिम संस्कार कर दिया। शांतिपूर्ण माहौल में अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। घटना में हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमे मे उदयपुर पुलिस ने हत्या की धारा में बढोत्तरी कर दी है। घटना को लेकर पुलिस ने चार आरोपियों को जेल भेज दिया है। दो नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम गठित की गयी है। प्रधान के बेटे की हत्या को लेकर नरवल गांव में मंगलवार को अंदर ही अंदर तनाव का माहौल बना दिखा। सीओ रामसूरत सोनकर ने सोमवार की देर रात गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया था। वहीं नरसिंह की हत्या को लेकर मंगलवार को भी मां कमला देवी पुत्र जतिन 17 व नितिन 14 तथा पत्नी दीपा व भाई मिंटू सिंह का रोना बिलखना देख भीड़ की भी आंखे नम हो उठी दिखीं।