आयुष्मान कार्ड 15 मार्च तक शत-प्रतिशत बनाने के निर्देश, लंबित कार्यों पर जताई नाराजगी
KUSHINAGAR NEWS: मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद में संचालित स्वास्थ्य विभाग की समस्त योजनाओं की गहन एवं बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक के दौरान पिछली बैठक की अनुपालन आख्या पूर्ण न होने पर मुख्य विकास अधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अवशेष सभी पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड हर हाल में 15 मार्च तक बनाए जाएं। समीक्षा में अवगत कराया गया कि जनपद में लगभग 6 लाख पात्र लाभार्थियों के कार्ड अभी भी लंबित हैं, जिस पर गंभीरता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र स्थापित किए जाने की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को दो दिवस के भीतर प्रभावी कार्यवाही कर प्रगति से अवगत कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में संस्थागत प्रसव, आशा कार्यकत्रियों के भुगतान, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थिति, टीकाकरण कार्यक्रमों, स्वास्थ्य विभाग से संबंधित निर्माण कार्यों, नसबंदी, अंतरा इंजेक्शन, एईएस/जेई नियंत्रण, परिवार नियोजन अभियान तथा अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश आशा कार्यकत्रियों का भुगतान हो चुका है, शेष लंबित भुगतान को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।सीएचसी स्तर पर वाई-डिलेवरी से संबंधित चयनित 5-5 ग्रामों की पंजिकाओं की भी जांच की गई और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच एवं समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित करने, मातृ मृत्यु के प्रत्येक प्रकरण की गहन समीक्षा कर प्रभावी कार्यवाही करने तथा रिक्त पदों के सापेक्ष लंबित भर्तियां शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी टीकाकरण कार्यक्रमों को शत-प्रतिशत लक्ष्य के साथ पूर्ण करने तथा 16 से 27 फरवरी तक संचालित विशेष परिवार नियोजन अभियान की उपलब्धियों की समीक्षा कर उसे और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुष्ठ रोग जागरूकता कार्यक्रम को भी जन-जागरूकता के माध्यम से सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। साथ ही रेफर मरीजों की स्थिति, डेथ ऑडिट, पोस्टमार्टम मामलों एवं विभिन्न प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी विचार कर आवश्यक अनुमोदन प्रदान किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ करें। स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर शिथिलता या बहानेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. चन्द्र प्रकाश, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।







