SIDHARTHNAGAR NEWS: जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत उस समय उजागर हो गई जब जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का जायजा लिया। इस दौरान साफ-सफाई की व्यवस्था बेहद खराब पाई गई। मरीजों के बेड पर बिछी चादरें गंदी मिलीं, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए साफ-सफाई में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। सबसे गंभीर लापरवाही उस समय सामने आई जब उपस्थिति पंजिका की जांच में 28 डॉक्टर और कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी अनुपस्थित कर्मियों का एक दिन का वेतन रोकने तथा उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान एमओआईसी इटवा ने जानकारी दी कि कई डॉक्टर एवं कर्मचारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी की बैठक में शामिल होने गए हैं। हालांकि जिलाधिकारी ने इस स्पष्टीकरण पर सख्त रुख बनाए रखते हुए कहा कि अस्पताल की व्यवस्था किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्र में साफ-सफाई, उपस्थिति एवं मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के लिए तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाने को कहा।इस औचक निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और व्यवस्था सुधारने की कवायद तेज हो गई है।







