मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के विशाल सभागार में सैकड़ों छात्र – छात्राएं रहे उपस्थित
JHANSI NEWS: जेसीआई वीक (9–15 सितम्बर) के अंतर्गत दूसरे दिन जेसीआई झाँसी उड़ान द्वारा मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के सहयोग से एक साइबर क्राइम जागरूकता सेमिनार-कम-ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी देना था। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती शांति विश्वनाथन, फाउंडर चेयरपर्सन मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स रहीं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. संध्या चौहान, संस्थापक-सचिव प्रगति रथ संस्था, संतोष अवस्थी निरीक्षक नवाबाद थाना, प्रवीण कुमार सब-इंस्पेक्टर साइबर क्राइम सेल, सुश्री मीनू साइबर क्राइम ऑफिस, श्रीमती रत्ना विश्वनाथन सचिव मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स एवं प्राचार्य मॉडर्न पब्लिक स्कूल, डॉ. प्रवीण गुप्ता निदेशक मॉडर्न कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एवं अध्यक्ष जेसीआई झाँसी उड़ान, डॉ. रॉबिन जोसेफ प्रोजेक्ट डायरेक्टर जेसीआई झाँसी तथा श्रीमती रेनू रॉबिन जोसेफ, प्रोजेक्ट डायरेक्टर जेसीआई झाँसी उड़ान उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में प्रवीण कुमार ने कहा कि आज की डिजिटल दुनिया में छोटी-सी लापरवाही भी हमें साइबर अपराध का शिकार बना सकती है। उन्होंने छात्रों को सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने, ओटीपी और पासवर्ड सुरक्षित रखने तथा केवल अधिकृत प्लेटफ़ॉर्म पर ही ऑनलाइन लेन-देन करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी साइबर अपराध की शिकायत तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराधियों पर समय रहते कार्रवाई हो सके।
मुख्य अतिथि शांति विश्वनाथन ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सुरक्षा और जागरूकता प्रदान करना भी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुरक्षा आज के समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है और विद्यार्थी यदि सतर्क रहेंगे तो न केवल स्वयं बल्कि समाज और राष्ट्र को भी सुरक्षित बना पाएँगे। संतोष अवस्थी ने कहा कि पुलिस लगातार साइबर अपराधियों के खिलाफ सक्रिय है लेकिन तकनीकी जानकारी और जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने छात्रों को हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in की जानकारी दी और अपील की कि किसी भी प्रकार की घटना को छिपाएँ नहीं, बल्कि तुरंत शिकायत दर्ज करें। डॉ. संध्या चौहान ने अपने उद्बोधन में कहा कि साइबर अपराध केवल आर्थिक नुकसान ही नहीं पहुँचाते बल्कि मानसिक तनाव और सामाजिक असुरक्षा भी उत्पन्न करते हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे डिजिटल साक्षरता को अपने जीवन का हिस्सा बनाएँ और आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अतिथियों से प्रश्न पूछकर अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। सभी वक्ताओं ने साइबर अपराध के वास्तविक उदाहरण प्रस्तुत कर छात्रों को व्यावहारिक रूप से सतर्क रहने की सीख दी। कार्यक्रम में मॉडर्न ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के शिक्षक, विद्यार्थी और जेसीआई सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और उन्होंने साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती साक्षी पॉल, लेक्चरर कमला मॉडर्न नर्सिंग इंस्टीट्यूट ने किया। अंत में डॉ. रॉबिन जोसेफ प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं और इससे एक सुरक्षित समाज की नींव रखी जा सकती है।







