Home उत्तर प्रदेश सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से आहत, शिक्षकों ने नहीं मनाया शिक्षक दिवस

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से आहत, शिक्षकों ने नहीं मनाया शिक्षक दिवस

SIDHARTHNAGAR NEWS: सर्वोच्च न्यायालय के एक निर्णय ने शिक्षकों को निराश कर दिया है, जिसके कारण उन्होंने इस वर्ष शिक्षक दिवस नहीं मनाने का फैसला किया। इस निर्णय में पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के लिए भी शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे देश भर में 10 लाख से अधिक सरकारी शिक्षकों की नौकरी खतरे में आ गई है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से शिक्षक समुदाय बेहद दुखी और चिंतित है। उन्होंने कहा कि अगर यह फैसला निजी स्कूलों पर भी लागू होता है, तो प्रभावित शिक्षकों की संख्या करोड़ों में पहुँच सकती है।
त्रिपाठी ने आगे कहा कि ऐसे कठिन समय में, सरकारें हर साल की तरह कुछ शिक्षकों को मंच पर सम्मानित करेंगी। लेकिन, इस सम्मान को शिक्षक मन से स्वीकार नहीं कर पाएंगे, क्योंकि सम्मान पाने वाले कई शिक्षकों को दो साल बाद अपनी नौकरी खोने का डर सता रहा होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से अपील की है कि वे शिक्षकों के साथ न्याय की घोषणा करें। शिक्षकों के लिए यही घोषणा ही सच्चा सम्मान होगा।