Home उत्तर प्रदेश सरकारी भवनों की होगी जांच, गंदगी व जलभराव पर कार्रवाई

सरकारी भवनों की होगी जांच, गंदगी व जलभराव पर कार्रवाई

दस्तक अभियान में घर-घर बनेगी आभा आईडी

JHANSI NEWS: जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने आगामी 1 से 30 अप्रैल  तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं 10 से 30 अप्रैल तक संचालित होने वाले दस्तक अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में अंतर्विभागीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि संचारी रोगों की रोकथाम के लिए समयबद्ध, संवेदनशील और समन्वित ढंग से कार्य किया जाए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विशेष अभियान के दौरान सभी सरकारी भवनों की जांच की जाएगी। यदि कहीं साफ-सफाई में लापरवाही या जलभराव पाया गया तो संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया व डायरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर स्वच्छता, सैनिटाइजेशन और फॉगिंग अभियान चलाया जाए। साथ ही तालाबों, नालों व नालियों में एंटी लार्वा छिड़काव और कूड़े का समुचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
दस्तक अभियान के तहत आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर आभा आईडी बनाने का लक्ष्य दिया जाएगा। साथ ही डोर-टू-डोर सर्वे कर बुखार से ग्रसित बच्चों को दवा किट उपलब्ध कराने तथा कुपोषित बच्चों और महिलाओं को पुष्टाहार देने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने जनपद में अब तक 5 डेंगू मरीज मिलने पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष साफ-सफाई और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घरों में पानी जमा न होने दिया जाए, क्योंकि साफ पानी में ही डेंगू का लार्वा पनपता है। पंचायती राज विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों की सफाई, झाड़ियों की कटाई, हैंडपंप मरम्मत और प्लेटफॉर्म निर्माण कार्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं, सभी विभागों को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय बनाकर अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने हीट स्ट्रोक के मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश देते हुए कहा कि समय पर रिपोर्टिंग से पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। साथ ही पशुपालन विभाग को निर्देशित किया गया कि सुकर पालन मानव बस्तियों से दूर कराया जाए।
बैठक में स्वास्थ्य, नगर विकास, शिक्षा, आईसीडीएस, कृषि, पशुपालन समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों को चेतावनी दी गई कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।