MIRZAPUR NEWS: शुक्रवार को एकल अभियान अंचल द्वारा शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य मीरजापुर नगर क्षेत्र के लाल डिग्गी स्थित साई मंडपम में शिक्षक सम्मान समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मीरजापुर जिलें के एकल अभियान के 11 ब्लाक से आए 85 आचार्यों को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुरूआत मां भारती एवं मां सरस्वती के पूजन के साथ मुख्य अतिथि श्याम सुंदर केसरी एवं मीरजापुर अंचल के अध्यक्ष श्याम सिंह यादव, संभाग की पदाधिकारी सुमन बिंद, रीता देवी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का स्वागत ई० विवेक बरनवाल के द्वारा अंगवस्त्र पहनाकर एवं मां विंध्यवासिनी देवी का चित्र भेटकर किया गया। स्वागत उद्बोधन में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्याम सिंह यादव ने सभी उपस्थित आचार्यों को शिक्षक दिवस की बधाई दी एवं आदरणीय मुख्य अतिथि के आगमन पर उनको धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगरपालिका अध्यक् श्याम सुंदर केसरी ने सर्वप्रथम भारत के पूर्व राष्ट्रपति शिक्षाविद प्रखर विद्वान भारत रत्न से सुशोभित डा० सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डाला एवं बताया की आपके जयंती पर पूरे देश में शिक्षकों के सम्मान में शिक्षक दिवस मनाया जाता हैं। मुख्य अतिथि ने कहा की समाज के उत्थान में शिक्षकों की अहम भूमिका हैं एवं शिक्षकों के द्वारा ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक भारत के विकसित देश की कल्पना पूरी हो सकती हैं। श्री श्याम सुंदर केसरी जी ने कहा की एकल अभियान के आचार्य गांव गांव आदिवासी वनवासी सुदूर क्षेत्रों में एकल अभियान की संकल्पना को पंचमुखी शिक्षा के माध्यम से पूरा कर रहें एवं भारत की संस्कृति एवं सभ्यता को जगाए रखने में अपना योगदान दे रहें। शिक्षक ही भारत को एक दिशा एवं एक विचार देकर विश्व गुरु बना सकते हैं। अपने उद्बोधन में नगरपालिका अध्यक्ष श्याम सुन्दर केशरी जी ने मीरजापुर जनपद की राणी कर्णावती कंपोजिट स्कूल की प्रधानाचार्या मधुरिमा तिवारी को राष्ट्रपति द्वारा मिलें राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए बधाई दी एवं कहा की यह मीरजापुर ही नहीं पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात हैं। मीरजापुर अंचल के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह यादव जी ने कहा की शिक्षा ही एक ऐसा धन हैं जिसे कोई चुरा नहीं सकता और शिक्षित होकर ही युवा इस देश को विकसित राष्ट्र बना सकते हैं। इस दौरान ई० विवेक बरनवाल, मुकेश अंचल, नीरज आदि पदाधिकारी एवं आचार्यों सहित सैंकड़ों लोग उपस्थित रहे।







