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सनातन को मिटाने वाले खुद मिटने की कगार पर खड़े: आदित्य कृष्ण महाराज

PRATAPGARH NEWS: बाघराय क्षेत्र के महाराजपुर ग्रामसभा में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा पंडाल पूरे दिन भक्तिमय माहौल से गूंजता रहा। दूर-दराज गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। कथा के अंतिम दिन व्यास पीठ से आचार्य आदित्य कृष्ण महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, धर्म स्थापना और मानव जीवन में भक्ति के महत्व का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सत्य, प्रेम और सेवा का मार्ग दिखाती है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणा हैं। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए और पूरा पंडाल “राधे-राधे” व “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा।
आचार्य ने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण ही सबसे बड़ा सहारा है। कथा सुनने से मनुष्य के पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। व्यास ने कहा आज कल सस्ती लोकप्रियता के लिए कुछ नेता सनातन का विरोध करते है भगवान को काल्पनिक मानते है आज उनका हाल देखिए कि सनातन को मिटाने वाले खुद मिटने के करीब पहुंच गए । कथा के समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने व्यास पीठ का आशीर्वाद लिया तथा क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया। कथा के सफल आयोजन में क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। इस मौके पर कथा यजमान बैजनाथ तिवारी, मुन्नी देवी, आयोजक भूपेंद्र तिवारी, रोहित पांडे, अंकित शुक्ला, बब्बन शुक्ला, लवलेश शुक्ला,शिवम पांडे,राकेश पाण्डेय,घनश्याम तिवारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।