Home आस्था सत्य का मार्ग कठिन पर है सदैव सुखदाई: स्वामी ओमानंद जी

सत्य का मार्ग कठिन पर है सदैव सुखदाई: स्वामी ओमानंद जी

कोठार मंगोलपुर में हो रही श्रीमदभागवत कथा में कृष्ण महिमा सुनकर मगन हुए श्रद्धालु
PRATAPGARH NEWS: सगरा सुन्दरपुर के कोठार मंगोलपुर में हो रही श्रीमदभागवत कथा में शनिवार को कथाव्यास स्वामी ओमानंद जी महराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने धरा पर अवतार लेकर धर्म के अनुसार जीवन जीने का हमें मार्ग दिखलाया है। उन्होने कहा कि भगवान की कथा को सुनना और समझना दोनों श्रेयस्कर है। स्वामी ओमानंद महराज ने कहा कि भगवान द्वारिकाधीश ने सत्य की रक्षा के लिए धर्मयुद्ध का शंखनाद किया। उन्होने कहा कि जीवन में सत्य का मार्ग और सुचिता के साथ कर्म सदैव मंगलदायी हुआ करता है। स्वामी जी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला में ही संसार को अनीति तथा अधर्म के समूल नाश का संदेश मिल गया। उन्होने कहा कि जीवन को जीने के लिए सदैव भक्ति साधना को पवित्र रखना चाहिए। उन्होने यह भी कहा कि भक्ति का मार्ग कठिन है किंतु इसका कभी भी परित्याग नही करना चाहिए। कथा के दौरान भगवान के सुमधुर भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर दिखे। संयोजक डा0 हरिश्चंद्र शुक्ल एवं सरोज शुक्ला ने वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य व्यासपीठ का पूजन अर्चन किया। इस मौके पर प्रतीक शुक्ला, संजय शुक्ला, संजय पाण्डेय, संतोष मिश्र, विश्वंभरनाथ शुक्ला, शिवशंकर शुक्ला, बच्चा शुक्ला, रत्नाकर तिवारी आदि रहे।