प्रधान पति समेत 4 पर मुकदमा दर्ज, पत्रकार ने आरोपियो की गिरफ्तारी व सुरक्षा की मांग की
KUSHINAGAR NEWS: जिले में सच उजागर करना एक पत्रकार को भारी पड़ गया। खबरों से बौखलाए दबंगों ने सरेराह एक पत्रकार को घेरकर न सिर्फ जातिसूचक गालियां दीं, बल्कि पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने और गोली मारने की खौफनाक धमकी भी दे डाली। इस सनसनीखेज घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने प्रधान पति समेत चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जनपद के कसया थाना क्षेत्र के ग्राम शामपुर हतवा निवासी बैलिस्टर तिवारी “लोकायुक्त”. अखबार के पत्रकार हैं। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 5 मार्च 2026 की शाम करीब 7:30 बजे जब वह बाड़ीपुल बाजार से घर लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए बैठे दबंगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।आरोप है कि संतोष सिंह (प्रधान पति), वीरेंद्र सिंह, हरेश सिंह और नीरज सिंह समेत अन्य लोगों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि “पत्रकारिता भूल जाओ, नहीं तो पेट्रोल डालकर जला देंगे और गोली मार देंगे।” आरोपियों ने लाइसेंसी हथियार दिखाकर दहशत फैलाने की भी कोशिश की।
जनहित की खबर बनी जान का दुश्मन
पीड़ित के अनुसार, यह हमला अचानक नहीं था, बल्कि इसके पीछे पुरानी रंजिश है। दरअसल, 4 सितंबर 2025 को प्रधान पति संतोष सिंह के पिता फूलबदन सिंह से जुड़ी एक गंभीर खबर फोटो सहित प्रकाशित की गई थी, जो एक महिला के पति की शिकायत पर आधारित थी। खबर शासन-प्रशासन के संज्ञान मे लाने के उद्देश्य से प्रकाशित की गई थी, जिसे जिले के कई मीडिया संस्थानों ने भी प्रमुखता से उठाया। यही नहीं, गांव में फैली गंदगी, बजबजाती नालियों और सफाई व्यवस्था की पोल खोलते हुए पत्रकार ने 23 फरवरी और 4 मार्च 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर भी पोस्ट किया था। इन खुलासों से तिलमिलाए आरोपियों ने बदले की भावना से इस घटना को अंजाम दिया।
दहशत में परिवार, सुरक्षा की गुहार
पीडित पत्रकार का कहना है कि घटना के वक्त मौके पर राहगीर और परिवार का एक सदस्य भी मौजूद था, जिसने पूरे घटनाक्रम को देखा। वारदात के बाद से पत्रकार और उनका परिवार दहशत में है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। कसया थाने में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 351(3) और 352 के तहत मुकदमा संख्या 159 / 11 मार्च 2026) दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार सिंह को सौंपी गई है।पीड़ित पत्रकार ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कड़ी कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।







