संविदा कर्मियों ने दी सामूहिक त्यागपत्र की चेतावनी
MIRZAPUR NEWS: (सुनील कुमार गुप्ता) विद्युत संविदा कर्मियों की छंटनी, शोषण व उत्पीड़न के विरोध में विद्युत संविदा मजदूर संगठन ने सोमवार को धरना प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर छंटनी पर तत्काल रोक लगाने और समस्या के समाधान के लिए बैठक बुलाने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2020 में जैम पोर्टल के माध्यम से 854 संविदा कर्मियों की नियुक्ति का टेंडर बेसिल कंपनी को दिया गया था, जिसने मार्च 2023 तक कार्य कराया। इसके बाद अप्रैल 2023 में टेंडर टीडीएस कंपनी को मिला, जिसे डिस्कॉम द्वारा 1174 कर्मी रखने की अनुमति दी गई। कंपनी ने नियमानुसार कर्मियों की संख्या बढ़ाकर 1174 कर दी, लेकिन इसके बावजूद अब संविदा कर्मियों की छंटनी की जा रही है। संगठन का कहना है कि जब डिस्कॉम द्वारा नए पावर हाउस शुरू किए गए हैं और पुराने पावर हाउसों पर फीडरों की संख्या भी बढ़ाई गई है, तो ऐसे में कर्मियों की छंटनी समझ से परे है। इससे विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था बिगड़ती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी। संविदा कर्मियों ने यह भी कहा कि कोरोना काल में इन्हीं कर्मियों ने पूरी निष्ठा से विद्युत आपूर्ति को सुचारू बनाए रखा था, लेकिन अब उन्हें बेरोजगारी की ओर धकेला जा रहा है। संगठन ने जिलाधिकारी से मांग की कि उनकी अध्यक्षता में विद्युत विभाग, सहायक श्रमायुक्त और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समाधान निकाला जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो सभी संविदा कर्मी सामूहिक त्यागपत्र देकर कार्य छोड़ने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष सैय्यद सरफराज अली, जिलाध्यक्ष श्याम नारायण यादव, जिला सचिव सत्यनारायण गुप्ता, मंडल सचिव सोहन मौर्य, संगठन मंत्री आनंद कुमार पाण्डेय, मीडिया प्रभारी मो. शहजादे, जाहिद,नौशाद, दयाशंकर मौर्य, रामसमुज, सुरेंद्र विश्वकर्मा समेत बड़ी संख्या में संविदा कर्मी मौजूद रहे।







