KUSHINAGAR NEWS: जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर द्वारा दिये गए निर्देश के क्रम में आज दिनांक 18 अगस्त 2026 को जनपद में संभावित बाढ़ के दृष्टिगत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों एवं संवेदनशील तटबन्धों का सघन निरीक्षण किया गया। उपजिलाधिकारी खड्डा एवं उपजिलाधिकारी तमकुहीराज द्वारा अधिशासी अभियंता बाढ़ खण्ड, सहायक अभियंता/सहायक अधिशासी अभियंता बाढ़ खण्ड, संबंधित अधिकारियों तथा पी0ए0सी0 की फ्लड बटालियन एवं राज्य आपदा मोचक बल (एसडीआरएफ) के साथ संयुक्त रूप से विभिन्न संवेदनशील तटबन्धों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। उपजिलाधिकारी खड्डा द्वारा विराभार ठोकर, भैंसहां तथा मदनपुर-सुकरौली बन्धे का बाढ़ खण्ड एवं एसडीआरएफ की टीम के साथ संयुक्त निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संवेदनशील स्थलों पर रेनकट, रैटहोल, शाही मांद, बन्धे की सीपेज तथा अन्य संभावित कमजोरियों की गहनता से जांच की गई तथा तटबन्धों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि संवेदनशील तटबन्धों पर विशेष सतर्कता रखते हुए किसी भी प्रकार की समस्या की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी जाए तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसी क्रम में नायब तहसीलदार खड्डा द्वारा महादेव में ग्रामीण चौपाल का आयोजन कर ग्रामीणों से संवाद किया गया तथा संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की जानकारी दी गई। ग्रामीणों से भी बाढ़ की स्थिति में प्रशासन का सहयोग करने तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की गई। बाढ़ राहत एवं बचाव के लिए व्यापक व्यवस्थाएं जनपद में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए 10 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जिनमें खड्डा तहसील में 06 तथा तमकुहीराज तहसील में 04 बाढ़ चौकियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 16 बाढ़ शरणालय चिन्हित/स्थापित किए गए हैं, जिनमें खड्डा में 06 एवं तमकुहीराज में 10 बाढ़ शरणालय हैं। बाढ़ चौकियों एवं शरणालयों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करते हुए पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, पशुपालन एवं विकास विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों की 24×7 शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जनपद में कुल 137 नावें उपलब्ध/चिन्हित हैं, जिनमें 34 बड़ी, 47 मझोली एवं 56 छोटी नावें हैं। इसके साथ ही 56 गोताखोर चिन्हित किए गए हैं। खोज एवं बचाव के लिए मेगा फोन, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, फोल्डेबल स्ट्रेचर आदि आवश्यक उपकरण तहसीलों में उपलब्ध कराए गए हैं। तहसील खड्डा में एसडीआरएफ की टीम तथा तहसील तमकुहीराज में पी0ए0सी0 की फ्लड बटालियन की टीम तैनात की गई है। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम संख्या 05564-240590 एवं टोल फ्री नंबर 1077 सक्रिय हैं जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्राप्त होने वाली प्रत्येक सूचना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जाएं। खाद्यान्न एवं राहत सामग्री की व्यवस्था बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार को एक सप्ताह के लिए खाद्यान्न एवं आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने हेतु कुल 26 प्रकार की सामग्री की टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इसमें लाई, चना, भुना चना, चीनी, बिस्कुट, माचिस, मोमबत्ती, स्नान एवं कपड़ा धोने का साबुन, ढक्कनदार बाल्टी, तिरपाल, आटा, चावल, अरहर दाल, आलू, मसाले, तेल, नमक, सैनिटरी पैड, तौलिया, सूती कपड़ा, डिस्पोजेबल बैग, मग तथा डेटॉल/सेवलॉन आदि सामग्री शामिल है। संभावित आपदा की स्थिति में एंटी-स्नेक वेनम सहित आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, सुरक्षित प्रसव तथा चिकित्सा सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं। आपूर्ति विभाग द्वारा 5,000 लीटर डीजल/पेट्रोल तथा कम्युनिटी किचेन के लिए गैस सिलेंडर आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर इमरजेंसी कक्ष एवं इनडोर वार्ड की व्यवस्था की गई है। आपदा प्रबंधन के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 06 तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 02 बेड आरक्षित किए गए हैं। संयुक्त जिला चिकित्सालय में 02 एम्बुलेंस क्रियाशील हैं तथा 25 बेड का पीआईसीयू तैयार किया गया है। आपातकालीन जीवनरक्षक दवाएं, एंटी-स्नेक वेनम, डिस्पोजेबल सिरिंज, ओआरएस, ऑक्सीजन मास्क, पट्टी आदि आवश्यक सामग्री आपातकालीन उपयोग हेतु सुरक्षित रखी गई है। जुलाई से अक्टूबर के मध्य प्रसव संभावित गर्भवती महिलाओं की कुल संख्या 421 है, जिसमें खड्डा में 217, दुदही में 100 तथा सेवरही में 104 महिलाएं शामिल हैं। जिला स्तर पर 01 तथा प्रत्येक सीएचसी स्तर पर 14 रैपिड रिस्पॉन्स टीमों का गठन किया गया है।
पशुओं के चारे एवं तटबन्ध सुरक्षा की तैयारी संभावित बाढ़ के दौरान पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु जनपद के भूसा व्यापारियों की सूची तैयार कर कार्यालय में संरक्षित की गई है तथा जनपद स्तर पर भूसा क्रय हेतु टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। संवेदनशील तटबन्धों की सुरक्षा के लिए मिर्जापुर स्टोन बोल्डर, खाली सीमेंट की बोरियां, नायलॉन क्रेट, जीआई वायर क्रेट, जियो बैग, पीपी रोप गैवियन सहित आवश्यक सामग्री का रिजर्व स्टॉक उपलब्ध/आरक्षित रखा गया है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संभावित बाढ़ के दृष्टिगत सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूर्ण सतर्कता एवं तत्परता से कार्य करें। संवेदनशील तटबन्धों की निरंतर निगरानी, राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता तथा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सहायता पहुंचाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। प्रशासन द्वारा बाढ़ की किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।







